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✅1. *प्रधानमंत्री मोदी ने दांडी में ‘नमक सत्याग्रह स्मारक’ का उद्घाटन किया*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 जनवरी 2019 को गुजरात के सूरत और दांडी का दौरा किया. यहां उन्होंने सूरत हवाईअड्डे पर टर्मिनल भवन के विस्तार परियोजना और एक अस्पताल की आधाशिला रखी. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने दांडी में राष्ट्रीय नमक सत्याग्रह स्मारक राष्ट्र को समर्पित किया.
यहां 14 नमक बनाने वाले पेन रखे गये हैं. साथ ही खारा पानी भी उपलब्ध कराया गया है. पर्यटक जब खारा पानी पेन में डालेंगे, तब पेन के अंदर लगी हुई मशीन पानी का वाष्पीकरण कर देगी और पेन में नमक बन जाएगा. इसके अतिरिक्त 41 सोलर वृक्ष प्रतिदिन 144 किलोवाट बिजली उत्पन्न करेंगे. इनका इस्तेमाल स्मारक में बिजली की आपूर्ति के लिए किया जाएगा.
✅2. *कैद में रखे हाथियों का पहला सर्वेक्षण जारी*
भारत में कैद में रखे हाथियों के पहले सर्वे के अनुसार, देश में कुल 2,454 हाथी कैद में हैं जिनमें से 58% असम (905) और केरल (518) में हैं. देशभर में बंधक बनाकर रखे गए हाथियों में आधे से ज्यादा सिर्फ केरल और असम में हैं.
भारत में हाथियों को बंधक बनाकर रखे जाने के चौंकाने वाले आंकड़े सामने है. बतौर सर्वे, 2454 हाथियों में एक-तिहाई गैर-कानूनी रूप से निजी कैद में हैं. यह जानकारी पर्यावरण और वन मंत्रालय द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे में सामने आई है.
✅3. *उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने विश्व के सबसे लंबे ‘गंगा एक्सप्रेस-वे’ के निर्माण हेतु मंजूरी दी*
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में 29 जनवरी 2019 को प्रयागराज में चल रहे कुंभ के दौरान कैबिनेट बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत 600 किलोमीटर लंबे ‘गंगा एक्सप्रेस-वे’ बनाने के फैसले पर मुहर लगाई गई है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि यह दुनिया का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होगा. प्रयागराज को पश्चिमी यूपी से जोड़ने के लिए एक्सप्रेस-वे बनाने का फैसला लिया गया है. इसको बनाने में यूपी सरकार तकरीबन 36 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी.
✅4. *चित्रा मुद्गल सहित 24 लेखक साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित*
हिन्दी की प्रसिद्ध लेखिका चित्रा मुदगल सहित 24 लेखकों को 29 जनवरी 2019 को साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया. अकादमी के अध्यक्ष एवं कन्नड़ के प्रख्यात नाटककार चंद्रशेखर क्म्बार ने इन लेखकों को वर्ष 2018 के लिए यह प्रस्कार प्रदान किये.
पुरस्कार में एक लाख रुपये की राशि, प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न एवं शॉल शामिल हैं. अंग्रेजी के लेखक अनीस सलीम और ओडिया लेखक दाशरथी दास की गैर-मौजूदगी में यह पुरस्कार उनके प्रतिनिधियों ने प्राप्त किये.
✅5. *पूर्व रक्षामंत्री जॉर्ज फ़र्नांडिस का निधन*
भारत के पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का 29 जनवरी 2019 को नई दिल्ली के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया. वे 88 वर्ष के थे. दिल्ली में उन्होंने सुबह 7 बजे आखिरी सांस ली. जॉर्ज फर्नांडिस लंबे समय से बीमार चल रहे थे, वो अल्जाइमर नाम की बीमारी से परेशान थे.
वाजपेयी सरकार के दौरान जॉर्ज फर्नांडिस देश के रक्षामंत्री रहे थे. अंतिम बार वे अगस्त 2009 से जुलाई 2010 के बीच तक राज्यसभा सांसद रहे थे. फर्नांडिस ने भारत सरकार में रक्षा मंत्रालय, उद्योग मंत्रालय जैसे कई अहम विभाग संभाले थे.
✅6. *WHO ने साल 2019 में सेहत के 10 संभावित खतरों की सूची जारी की*
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में 10 उन बीमारियों/खतरों की सूची जारी की है जो 2019 में दुनिया को संभावित स्वास्थ्य संकट में डाल सकती हैं. डब्ल्यूएचओ द्वारा सुझाए गये इन 10 खतरों के कारण विश्व स्वास्थ्य संगठन 2019 में नई पंच वर्षीय रणनीतिक योजना की शुरुआत करने जा रहा है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी 10 स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं डब्ल्यूएचओ तथा अन्य स्वास्थ्य सहयोगियों के लिये चुनौती साबित हो सकती हैं. डब्ल्यूएचओ का कहना है कि यदि इन संभावित खतरों से नहीं निपटा गया तो स्वास्थ्य संबंधित गंभीर खतरे उत्पन्न हो सकते हैं.
✅7. *पद्म पुरस्कार 2019 घोषित: जानें गंभीर, कादर खान समेत पूरी सूची*
देश के दूसरे सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्म पुरस्कारों की घोषणा 25 जनवरी 2019 को कर दी गई. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कुल 112 व्यक्तियों को पद्म पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की. इस बार 4 को पद्म विभूषण, 14 को पद्मभूषण और 94 को पद्मश्री सम्मान दिया जाएगा. इस पुरस्कार से सम्मानित किये जाने वाले लोग देशभर से और समाज के सभी वर्गों से है. गृह मंत्रालय की ओर से दी गई आधिकारिक सूचना के मुताबिक स्व. अभिनेता कादर खान, स्व. कुलदीप नैय्यर, क्रिकेटर गौतम गंभीर, वरिष्ठ अधिवक्ता एचएस फुल्का, वैज्ञानिक नंबी नारायण, पर्वतरोही बछेंद्री पाल और दक्षिण के अभिनेता मोहन लाल सहित 112 हस्तियों को पद्म अवार्ड्स के लिए चुना गया है.
✅8. *ऑस्ट्रेलियन ओपन 2019: जोकोविच ने रिकॉर्ड सातवीं बार ख़िताब जीता*
ऑस्ट्रेलियन ओपन 2019 का 27 जनवरी 2019 को समापन हुआ. ख़िताबी मुकाबले मेलबर्न में खेले गये. यह साल में खेले जाने वाले चार ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिताओं में से एक है. इसमें नोवाक जोकोविच ने इतिहास रचते हुए रिकॉर्ड सातवीं बार ख़िताब जीता है.
विश्व के नंबर एक खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने ऑस्ट्रेलियन ओपन टेनिस चैंपियनशिप में एकतरफा फाइनल मैच के दूसरे क्रम के राफेल नडाल को सीधे सेटों में 6-3, 6-2, 6-3 से हराया. वे इसी के साथ रिकॉर्ड सात बार ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीतने वाले *दुनिया के पहले खिलाड़ी* बन गए.
✅9. *प्रणब मुखर्जी, नानजी देशमुख तथा भूपेन हज़ारिका को भारत रत्न*
राष्ट्रपति भवन की ओर से 25 जनवरी 2019 को जारी जानकारी में घोषणा की गई कि वर्ष 2019 में तीन हस्तियों को भारत रत्न सम्मान दिया जायेगा. इस घोषणा में नानाजी देशमुख, भूपेन हज़ारिका और प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न दिए जाने की घोषणा की गई.
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, मशहूर संगीतकार भूपेन हजारिका और आरएसएस से जुड़े नेता एवं समाजसेवी नानाजी देशमुख को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जाएगा. राष्ट्रपति भवन से जारी बयान में कहा गया कि नानाजी देशमुख एवं भूपेन हजारिका को यह सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया जाएगा.
✅10. *चेन्नई में सौर ऊर्जा और जल उपचार प्रौद्योगिकी मिशन केन्द्रों का शुभारंभ किया गया*
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 25 जनवरी 2019 को चेन्नई के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटीएम) में स्थित विज्ञान और प्रौद्योगिकी केंद्र द्वारा स्थापित तीन प्रमुख केंद्रों का शुभारंभ किया.
इन तीनों में पहले डीएसटी- आईआईटीएम सोलर एनर्जी हारनेसिंग सेंटर की स्थापना की गई है. इस केंद्र में सिलिकॉन सोलर सेल जैसी अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास गतिविधियों की विस्तृत श्रृंखला पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा.
✅11. *वेनेज़ुएला संकट: विश्व में उभरती नई समस्या*
वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो द्वारा हाल ही में अमेरिका के साथ सभी राजनीतिक संबंध समाप्त किये जाने की घोषणा की गई. इस घोषणा के बाद वेनेज़ुएला का राजनीतिक संकट एक बार फिर चर्चा में आ गया है.
वेनेज़ुएला में जनता द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन किये जा रहे हैं. इसमें बहुत से लोगों के मारे जाने और आगजनी की सैंकड़ों घटनाएं सामने आ चुकी हैं. वेनेज़ुएला लंबे समय से आर्थिक संकट झेल रहा था लेकिन अब वह राजनीतिक संकट में भी फंस गया है. वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन से उपजे राजनीतिक संकट में अमेरिका और रूस के अलावा और भी कई देश कूद पड़े हैं जिससे यह एक वैश्विक रूप लेता नज़र आ रहा है.
✅12. *इसरो ने छात्रों द्वारा तैयार ‘कलामसैट’ और इमेजिंग सैटेलाईट ‘माइक्रोसैट आर’ लॉन्च किया*
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 24 जनवरी 2019 को विश्व के सबसे छोटे सैटेलाइट ‘कलामसैट’ को लॉन्च किया. पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल PSLV C-44 के द्वारा कलामसैट और माइक्रो सैट-आर को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया.
कलामसैट की खासियत यह है कि इसे छात्रों ने विकसित किया है. इसके अलावा, माइक्रोसैट-आर की खासियत है कि यह अन्तरिक्ष से पृथ्वी की तस्वीरें लेने में सक्षम है. इसरो की ओर से जारी मिशन की जानकारी के अनुसार, श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से PSLV C-44 के लॉन्चिंग की उल्टी सुचारु रूप से आरंभ की गई. यह इसरो के पीएसएलवी व्हीकल की 46वीं उड़ान है.
✅13. *प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस संग्रहालय का उद्घाटन किया*
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 122वीं जयंती के अवसर पर 23 जनवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली में लालकिले में सुभाष चंद्र बोस संग्रहालय का उद्घाटन किया. इस संग्रहालय में सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज से जुड़ीं चीजों को प्रदर्शित किया गया है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सुभाष चंद्र बोस के पोते भी मौजूद थे. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने याद-ए-जलियां संग्रहालय (जलियांवाला बाग और प्रथम विश्वयुद्ध पर संग्रहालय) और 1857 (प्रथम स्वतंत्रता संग्राम) पर संग्रहालय और भारतीय कला पर दृश्यकला संग्रहालय का भी उद्घाटन किया.
✅14. *राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ प्रदान किये*
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 22 जनवरी 2019 को राष्ट्रपति भवन में ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार- 2019’ प्रदान किये. ये पुरस्कार 26 चयनित विजेताओं को प्रदान किये गये.
इन पुरस्कारों में नवाचार, शैक्षिक, खेल, कला और संस्कृति, समाज सेवा और बहादुरी श्रेणी के तहत राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (जिसे अब बाल शक्ति पुरस्कार का नाम दिया गया है) के लिए एक संयुक्त पुरस्कार भी शामिल है. दो व्यक्तियों और तीन संस्थानों को भी राष्ट्रीय बाल कल्याण पुरस्कार श्रेणी (अब बाल कल्याण पुरस्कार का नाम दिया गया है) के तहत पुरस्कार दिये गए.
✅15. *विराट कोहली ICC अवार्ड्स में सर्वश्रेष्ठ वनडे और टेस्ट खिलाड़ी के साथ वर्ष 2018 के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर घोषित*
क्रिकेट की शीर्ष संस्था इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 22 जनवरी 2019 को वर्ष 2018 के पुरस्कारों की घोषणा करते हुए भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली को तीन सर्वश्रेष्ठ पुरस्कारों से नवाजा है. इसके अतिरिक्त आईसीसी ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर टीम ऑफ़ द इयर भी घोषित की है.
विराट कोहली को आईसीसी अवॉर्ड्स में क्रिकेटर ऑफ द ईयर (सर गारफील्ड सोबर्स ट्रॉफी), आईसीसी टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर और आईसीसी वनडे क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया. विराट कोहली इसके अलावा आईसीसी टेस्ट टीम ऑफ द ईयर और आईसीसी वनडे टीम ऑफ द ईयर में चुने गए और दोनों टीमों के कप्तान नियुक्त किए गए हैं.
✅16. *विश्व आर्थिक मंच 2019 दावोस में आयोजित*
इस आयोजन में दुनिया के बड़े-बड़े कारोबरियों अर्थशास्त्र, अंतरराष्ट्रीय संगठनों से लेकर दुनिया के दिग्गज नेता शामिल हुए हैं. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर कमलनाथ पहली बार इस सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं, वैसे वो पिछले 17 साल से लगातार दावोस विश्व आर्थिक सम्मेलन में शामिल होते रहे हैं.
दावोस में मुख्य सत्र के बाहर ओपन फोरम में जेन गुडॉल भी हिस्सा लेंगी. जेन गुडॉल मशहूर जंतु वैज्ञानिक हैं. चिम्पांजी को लेकर उनका शोधकार्य बहुत महत्वपूर्ण रहा है.
✅17. *भारत के 1% लोगों के पास 50% आबादी के बराबर संपत्ति: ऑक्सफैम रिपोर्ट*
ऑक्सफैम (Oxfam Report) द्वारा 21 जनवरी 2019 को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में अरबपतियों की संपत्ति में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है. ऑक्सफैम रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में अरबपतियों की संपत्ति में वर्ष 2018 में प्रतिदिन 2,200 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है. इस दौरान, देश के शीर्ष एक प्रतिशत अमीरों की संपत्ति में 39 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि 50 प्रतिशत गरीब आबादी की संपत्ति में महज तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.
ऑक्सफैम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि विश्व भर के अरबपतियों की संपत्ति में पिछले वर्ष 12 प्रतिशत (2.5 अरब डॉलर प्रतिदिन) की वृद्धि दर्ज की गई. इसके विपरीत दुनिया की आधी आबादी, जिन्हें गरीब माना जाता है, की दौलत 11% घट गई है.
✅18. *वाराणसी में प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन*
वासी भारतीय दिवस का 15 वां संस्करण 21 जनवरी 2019 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शुरू हो गया है. प्रवासी भारतीय दिवस (Pravasi Bhartiya Divas 2019) के लिए इस बार वाराणसी में बेहद खास आयोजन किया गया है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज समेत अन्य बड़े नेताओं की मौजूदगी में प्रवासी भारतीय दिवस समारोह की शुरुआत हुई. प्रवासी भारतीय दिवस समारोह वाराणसी में 21 से 23 जनवरी तक चलेगा.
✅19. *इसरो ने सीमा सुरक्षा के लिए विशेष उपग्रह लॉन्च करने की घोषणा की*
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा हाल ही में यह घोषणा की गई कि वह गृह मंत्रालय के लिए एक विशिष्ट उपग्रह प्रक्षेपित करेगा. उपग्रह का उद्देश्य पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं अन्य देशों से सटी भारत की सीमा को और मजबूत बनाना है. गृह मंत्रालय द्वारा एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है.
गृह मंत्रालय द्वारा बताया गया कि यह कदम सीमा प्रबंधन के सुधार में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के उपयोग को लेकर एक कार्य बल द्वारा की गई सिफारिशों का हिस्सा है. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है.
✅20. *विश्व का पहला मानवाधिकार को समर्पित टीवी चैनल लंदन में आरंभ*
इंटरनेशनल ऑब्जर्वेटरी ऑफ़ ह्यूमन राइट्स (IOHR) द्वारा विश्व में पहली बार मानवाधिकार को समर्पित टीवी चैनल आरंभ किया गया है. यह चैनल लंदन स्थित ऑफिस से आरंभ किया गया है. मानवाधिकार को समर्पित यह टीवी चैनल वेब आधारित होगा लेकिन यह यूरोप, लैटिन अमेरिका और मध्य पूर्व समेत 20 देशों के लोगों के लिए मानवाधिकार से सम्बंधित मुद्दों पर कार्यक्रम का प्रसारण करेगा.
IOHR द्वारा आरंभ किये गये इस चैनल के ब्रॉडकास्ट को netgem.tv प्लेटफार्म पर द्वारा देखा जा सकता है. फिलहाल इस चैनल पर अंग्रेजी में कार्यक्रम प्रसारित किये जा रहे हैं. लेकिन, आगे चलकर फारसी, तुर्की, अरबी तथा रूसी भाषा में भी कार्यक्रम प्रसारित किये जा सकते हैं.
✅21. *सरकार ने 2015-18 के गांधी शांति पुरस्कार विजेताओं की घोषणा की*
केंद्र सरकार ने 16 जनवरी 2019 को पिछले चार वर्षों के लिए गांधी शांति पुरस्कारों की घोषणा की है. केंद्र सरकार द्वारा 2015 से 2018 तक के गांधी शांति पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा की गई.
इस पुरस्कार से अंतिम बार वर्ष 2014 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को सम्मानित किया गया था. हालांकि, सरकार ने 2014 के बाद से इस पुरस्कार से किसी को सम्मानित नहीं किया था. इन पुरस्कारों के विजेताओं का फैसला एक ज्यूरी ने किया जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत के चीफ जस्टिस, जस्टिस रंजन गोगोई, लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, विपक्ष नेता मल्लिकार्जुन खडग़े तथा लालकृष्ण आडवाणी शामिल थे.
✅22. *चीन ने चांद पर कपास उगाने में सफलता हासिल की*
चीन द्वारा चांद पर भेजे गये रोवर चांग ई-4 द्वारा कपास के बीज अंकुरित करने में सफलता हासिल की गई है. चीन का दावा है कि उसने रोवर चांग ई-4 पर लगाए प्रयोगात्मक बॉक्स में यह सफल प्रयोग किया है. गौरतलब है कि यह पहला मौका है जब मनुष्य ने चांद पर कोई पौधा उगाया है. चीन के वैज्ञानिकों द्वारा 15 जनवरी 2019 को यह जानकारी सार्वजनिक की गई. चीन को अब चांद पर आलू उपजाने की भी उम्मीद है.
चोंगकिंग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने वायु, जल और मिट्टी युक्त 18 सेंटीमीटर का एक डिब्बा रोवर की सहायता से चांद पर भेजा था. इसके भीतर कपास, आलू और सरसों प्रजाति के एक-एक पौधे के बीज के साथ-साथ फ्रूट फ्लाई के अंडे और यीस्ट भेजे गए थे. प्रयोग की अगुवाई करने वाले चीन के वैज्ञानिक शाइ गेंगशिन ने कहा, “यह पहला मौका है, जब मानव ने चंद्रमा की सतह पर जीवविज्ञान में पौधों के विकास के लिए प्रयोग किए.”
✅23. *प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘फिलिप कोटलर’ पुरस्कार से सम्मानित*
पुरस्कार के प्रशस्तिपत्र में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का चयन ‘‘देश को उत्कृष्ट नेतृत्व’’ प्रदान करने के लिये किया गया है. इसके अनुसार, अथक ऊर्जा के साथ भारत के लिये उनकी निःस्वार्थ सेवा की वजह से देश ने बेहतरीन आर्थिक, सामाजिक और प्रौद्योगिकीय विकास किया है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की पहचान अब नवाचार और मूल्यवर्धित विनिर्माण (मेक इन इंडिया) के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी, लेखांकन एवं वित्त जैसे पेशेवर सेवाओं के केन्द्र के रूप में उभरी है.
✅24. *सिक्किम के मुख्यमंत्री ने 'एक परिवार, एक नौकरी' योजना का शुभारंभ किया*
सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग ने 12 जनवरी 2019 को 'एक परिवार, एक नौकरी' योजना का शुभारंभ किया. इस योजना की घोषणा पवन कुमार चामलिंग ने वर्ष 2018 में राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान की थी.
एक परिवार-एक नौकरी योजना के तहत नौकरी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी कार्मिक विभाग को दी गई है. उनका दावा है कि ऐसी योजना लागू करने वाला सिक्किम *देश का पहला राज्य* बन गया है.
✅25. *गुजरात आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10% आरक्षण देने वाला पहला राज्य बना*
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी द्वारा शिक्षा और रोज़गार में गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण को 14 जनवरी से लागू करने का निर्णय लिया गया है. केंद्र सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी है. अधिसूचना जारी होने के एक दिन बाद ही गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने यह घोषणा की.
शैक्षणिक संस्थाओं और सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से पिछड़ों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा. यह आरक्षण अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग कोटे के अतिरिक्त दिया जाएगा. पहले से घोषित उन भर्तियों में भी यह आरक्षण लागू होगा, जिनकी अभी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है.
✅26. *मिशन गगनयान दिसम्बर 2021 में लांच किया जायेगा: इसरो*
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने मिशन गगनयान को दिसम्बर 2021 में लांच करने की घोषणा की. इसरो प्रमुख के. सिवन ने 11 जनवरी 2019 को बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि भारत दिसंबर 2021 में अंतरिक्ष में मनुष्य को भेजने का लक्ष्य रखा है.इसरो प्रमुख ने बताया कि दो मानवरहित स्पेस मिशन का लक्ष्य दिसंबर 2020 और जुलाई 2021 रखा गया है. कैबिनेट ने भारतीय गगनयान मानव मिशन के लिए 10 हजार करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दे चुकी है. इस अभियान के तहत तीन एस्ट्रोनॉट सात दिन तक अंतरिक्ष में रह सकेंगे.
✅27. *मैरी कॉम दुनिया की नंबर एक महिला मुक्केबाज़ बनीं: एआईबीए*
भारत की प्रसिद्ध महिला मुक्काबाज मैरी कॉम दुनिया की नंबर एक महिला मुक्केबाज़ (48 किलोग्राम वर्ग में) बन गई हैं. अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज़ी संघ (एआईबीए) की ओर से जारी ताज़ा वरीयता सूची में मैरी कॉम को पहले-नबर पर रखा गया है.
एआईएबीए की वरीयता सूची में मैरीकॉम को अपने वर्ग में 1,700 प्वाइंट मिले हैं. छठी बार महिला मुक्केबाज़ी की विश्व चैंपियनशिप में मिली जीत ने उन्हें यह उपलब्धि दिलाई है.
✅28. *आईआईटी मद्रास ने प्रयोगशाला में ‘स्पेस फ्यूल’ तैयार किया*
आईआईटी मद्रास के शोधकर्ताओं द्वारा प्रयोगशाला में स्पेस फ्यूल तैयार किये जाने में सफलता हासिल की है. शोधकर्ताओं का कहना है कि यह फ्यूल अंतरग्रहीय परिस्थितियों को सिमुलेट करके प्रयोगशाला में बनाया गया है. विज्ञान पत्रिका प्रोसीडिंग्स ऑफ़ नेशनल अकैडमी ऑफ़ साइंसेज (PNAS) द्वारा हाल ही में इस शोध को प्रकाशित किया गया है.
शोधकर्ताओं द्वारा यह ईंधन भारत के लिए जैविक इंधन के एक स्वच्छ तथा सतत विकल्प के रूप में पेश किया गया है. वैज्ञानिकों का मानना है कि इस शोध से वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड को अगली पीढ़ी के उर्जा स्त्रोत में परिवर्तित किया जा सकता है. यह भी संभव है कि इससे ग्रीन हाउस गैस तथा ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी.
✅29. *नासा के सैटेलाईट TESS ने पृथ्वी से तीन गुना बड़ा ग्रह खोजा*
नासा के सैटेलाईट ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटेलाइट (TESS) ने सौरमंडल के बाहर एक नए ग्रह की खोज की है. TESS द्वारा खोजा गया यह तीसरा ग्रह है. वैज्ञानिकों का मानना है कि धरती से बाहर जीवन तलाशने की संभावनाओं की दिशा में यह एक बड़ी उपलब्धि है.
वैज्ञानिकों द्वारा जारी जानकारी के अनुसार घने वायुमंडल के चलते इस ग्रह पर जीवन की संभावना हो सकती है. इस नए ग्रह की खोज करने वाली टीम की अगुवाई मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के इंस्टीट्यूट फॉर एस्ट्रॉफिजिक्स एंड स्पेस रिसर्च की प्रोफेसर डायना ड्रैगॉमिर ने की है.
✅30. *LPU में ‘टाईम कैप्सूल’ को अगले 100 वर्षों के लिए जमीन में दबाया गया*
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), जालंधर में आयोजित 106वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस में इज़राइल के नोबल पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिक एवराम हेर्शको और अमेरिका के वैज्ञानिक एफ. डंकन एम. हॉल्डाने द्वारा 04 जनवरी 2019 को वर्तमान टेक्नोलॉजी और भारत के वैज्ञानिक कौशल का प्रतिनिधित्व करने वाली वस्तुओं के साथ एक टाईम कैप्सूल को जमीन में दबाया गया.
इस टाईम कैप्सूल में 100 ऐसी वस्तुओं को शामिल किया गया है, जो भारत में अनुभव की जाने वाली आधुनिक टेक्नोलॉजी का प्रतिनिधित्व करते हैं. यह कैप्सूल धरती में 100 वर्ष तक दबा रहेगा. इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को वर्तमान की तकनीक के बारे में अवगत कराना है.
[25/02, 11:35 AM] +91 94151 51128: *देश में अल्पसंख्यक कौन हैं* इसकी परिभाषा और आधार फिर से तय करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 11 फरवरी को सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को निर्देश दिया है कि वह तीन महीने के भीतर अल्पसंख्यक की परिभाषा तय करे।
याचिका में सुप्रीम कोर्ट के TMA पाई मामले में दिये गए संविधान पीठ के फैसले को आधार बनाकर मांग की गई थी कि अल्पसंख्यकों की पहचान राज्य स्तर पर की जाए, न कि राष्ट्रीय स्तर पर क्योंकि कई राज्यों में जो वर्ग बहुसंख्यक हैं उन्हें अल्पसंख्यक का लाभ मिल रहा है।
याचिका में अल्पसंख्यकों को 'अल्पसंख्यक संरक्षण' दिये जाने तथा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम की धारा 2(c) को रद्द किये जाने की मांग की गई है क्योंकि यह धारा मनमानी, अतार्किक और अनुच्छेद 14, 15 तथा 21 का उल्लंघन करती है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि इस धारा में केंद्र सरकार को किसी भी समुदाय को अल्पसंख्यक घोषित करने के असीमित और मनमाने अधिकार दिये गए हैं।
याचिका में कहा गया है कि हिंदू जो राष्ट्रव्यापी आँकड़ों के अनुसार एक बहुसंख्यक समुदाय है, वह पूर्वोत्तर के कई राज्यों और जम्मू-कश्मीर में अल्पसंख्यक है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि हिंदू समुदाय उन लाभों से वंचित है जो कि इन राज्यों में अल्पसंख्यक समुदायों के लिये मौजूद हैं।
अल्पसंख्यक पैनल को इस संदर्भ में ‘अल्पसंख्यक' शब्द की परिभाषा पर पुन: विचार करना चाहिये।
1947 में देश के विभाजन के दौरान मुस्लिम समुदाय के लगभग सभी लोग पाकिस्तान चले गए थे और भारत में इनकी संख्या बहुत कम रह गई।
हमारे संविधान निर्माताओं के मस्तिष्क में यह आशंका थी कि ऐसा न हो कि हिन्दुओं की बहुसंख्यक आबादी के कारण यहाँ केवल हिन्दुओं की ही सरकार बने और वह अल्पसंख्यकों के त्योहारों या उनके रीति-रिवाज़ का पालन करने पर कोई रोक लगा दे।
यही वज़ह है कि अनुच्छेद 29 और 30 में कहा गया कि भारत में जो अल्पसंख्यक हैं उनको अपने रीति-रिवाज़ तथा धर्म का पालन करने का अधिकार होगा।
इसके अलावा संविधान में और कुछ नहीं कहा गया।
*अल्पसंख्यक कौन है?*
संयुक्त राष्ट्र की परिभाषा के अनुसार, ‘Any group of community which is economically, politically non-dominant and inferior in population, अर्थात् ऐसा समुदाय जिसका सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक रूप से कोई प्रभाव न हो और जिसकी आबादी नगण्य हो, उसे अल्पसंख्यक कहा जाएगा।
अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत अल्पसंख्यक ऐसे समूह हैं जिनके पास विशिष्ट और स्थिर जातीय (Stable Ethnic), धार्मिक और भाषायी विशेषताएँ हैं।
*भारतीय संविधान के अनुच्छेद 29, 30, 350A तथा 350B में ‘अल्पसंख्यक’ शब्द का प्रयोग किया गया है* लेकिन इसकी परिभाषा कहीं नहीं दी गई है।
अनुच्छेद 29 में ‘अल्पसंख्यक’ शब्द का प्रयोग किया गया है जिसमें कहा गया है कि भारत के राज्य क्षेत्र या उसके किसी भाग के निवासी नागरिकों के किसी अनुभाग को जिसकी अपनी विशेष भाषा, लिपि या संस्कृति है, उसे बनाए रखने का अधिकार होगा।
अनुच्छेद 30 में बताया गया है कि धर्म या भाषा पर आधारित सभी अल्पसंख्यक वर्गों को अपनी रुचि की शिक्षा, संस्थानों की स्थापना और प्रशासन का अधिकार होगा।
*अनुच्छेद 350 A और 350 B केवल भाषायी अल्पसंख्यकों से संबंधित हैं।*
1992 के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम की धारा 2(c) के तहत 23 अक्तूबर, 1993 को सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में पाँच समुदायों मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, पारसी तथा बौद्ध को अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में मान्यता दी गई।
*2014 में जैन समुदाय को भी अल्पसंख्यक की श्रेणी में शामिल किया गया।*
*गुजरात सरकार ने राज्य में जैन समुदाय को अलग से अल्पसंख्यक घोषित किया है।.*
*TMA पाई फाउंडेशन बनाम यूनियन ऑफ़ इंडिया का मामला*
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के 11 जजों की संवैधानिक बेंच ने कहा है कि राज्य कानून के संबंध में धार्मिक या भाषायी अल्पसंख्यक का निर्धारण करने वाली इकाई केवल राज्य हो सकती है।
यहाँ तक कि अल्पसंख्यक का निर्धारण करने में एक केंद्रीय कानून के लिये भी ईकाई का आधार राज्य होगा न कि संपूर्ण भारत।
इस प्रकार, धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यक, जिन्हें अनुच्छेद 30 में बराबरी का दर्जा दिया गया है, को राज्य स्तर पर निर्धारित किया जाना चाहिये।
*अल्पसंख्यकों के निर्धारण का एक समान राष्ट्रीय तरीका क्यों नहीं है?*
भारत में समुदायों का असमान वितरण किसी समुदाय को राष्ट्रीय रूप से धार्मिक अल्पसंख्यक घोषित करने में परस्पर विरोधी स्थिति पैदा करता है, जो कुछ राज्यों में बहुसंख्यक हो सकता है।
नागरिकों का लगातार हो रहा प्रवासन जनसांख्यिकी को प्रभावित करता है।
धार्मिक या भाषायी समुदाय की संरचना में बदलाव भी एक बड़ा कारण है। जिसके कारण किसी भी स्थिर नीति का कारगर होना मुश्किल है।
1500 से अधिक क्षेत्रीय भाषाओं वाले इस देश में भाषायी अल्पसंख्यकों का पदनाम (Designation) चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
हमें TMA पाई मामले में बताए गए स्रोत और क्षेत्रीय कानून के संबंध में अल्पसंख्यक का दर्जा निर्धारित करना चाहिये।
*मापदंड तय किये जाने की ज़रुरत*
किसी समुदाय को राज्य स्तर पर अल्पसंख्यक घोषित करने में जो मुख्य समस्या यह है कि इस शब्द की परिभाषा कहीं नहीं बताई गई है, दूसरा यह कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम में भी इसकी कोई परिभाषा नहीं बताई गई है तथा तीसरा यह है कि सरकार ने जो अधिसूचना जारी की है उसका आधार क्या है यह निर्धारित नहीं है।
अगर हम मान लें कि राष्ट्रीय स्तर पर जनसंख्या को आधार माना गया है तो ऐसा राज्य स्तर पर क्यों नहीं हो सकता?
याचिका में धारा 2(c) तथा 23 अक्तूबर,1993 को जारी अधिसूचना को चुनौती दी गई है तथा इसे संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन बताया गया है।
*यह सही है कि अल्पसंख्यकों को संरक्षण मिलना चाहिये।*
यह भी सही है कि देश का विभाजन धर्म के आधार पर हुआ था, काफी हिंसा हुई थी इसके बावजूद संविधान निर्माताओं ने यह दूरदर्शी फैसला लिया कि हिंदुस्तान एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र होगा और सबको बराबर का हक़ दिया जाएगा।
लेकिन अल्पसंख्यक कौन हैं इसकी पहचान करना पहली शर्त होनी चाहिये।
यह विडंबनापूर्ण स्थिति है कि कहीं पर कोई समुदाय जो 96, 98 प्रतिशत है वह अल्पसंख्यक है और वहीँ किसी राज्य में 2 प्रतिशत आबादी वाले लोग बहुसंख्यक हैं और अल्पसंख्यक को मिलने वाले लाभ से वंचित हैं।
यह गैर-बराबरी है। इसे एड्रेस किये जाने की ज़रूरत है।
आने वाले समय में हिंदुस्तान में मुसलमानों की आबादी दुनिया के सभी देशों से अधिक होगी।
*ऐसी स्थिति में मुसलमान अल्पसंख्यक किस आधार पर होंगे?*
अल्पसंख्यक स्थिति का एक मानदंड तय होना चाहिये जिसमें जनसंख्या के अलावा अन्य कारकों पर भी विचार किया जाना चाहिये।
‘ **अल्पसंख्यक’ शब्द को परिभाषित किये जाने की आवश्यकता क्यों?*
*
संविधान में ‘अल्पसंख्यक’ शब्द की परिभाषा कहीं नहीं दी गई है।
*अल्पसंख्यक कौन होगा?*
यह राष्ट्रीय स्तर पर तय होगा या राज्य स्तर पर इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है।
1993 में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का गठन किया गया उस समय भी ‘अल्पसंख्यक’ शब्द को परिभाषित नहीं किया गया।.
वर्ष 2006 में अल्पसंख्यक मामले मंत्रालय का गठन हुआ तब भी ‘अल्पसंख्यक’ शब्द को परिभाषित नहीं किया गया।
आज़ादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी अल्पसंख्यक कौन हैं, न तो संविधान में परिभाषित किया गया और न ही किसी अन्य कानून में।
मिज़ोरम, मेघालय और नगालैंड ईसाई बहुसंख्यक राज्य हैं और अरुणाचल, गोवा, केरल, मणिपुर, तमिलनाडु तथा पश्चिम बंगाल में इनकी आबादी अच्छी खासी है फिर भी उन्हें अल्पसंख्यक माना जाता है।
इसी तरह पंजाब में सिख बहुसंख्यक हैं तथा दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा में इनकी पर्याप्त आबादी है फिर भी इन्हें अल्पसंख्यक माना जाता है।
लक्षद्वीप में 96.20% और जम्मू-कश्मीर में 68.30% मुसलमान हैं, जबकि असम (34.20%), पश्चिम बंगाल (27.5%), केरल (26.60%), उत्तर प्रदेश (19.30%) और बिहार (18%) में भी इनकी अच्छी-खासी जनसंख्या है फिर भी इन्हें अल्पसंख्यक का दर्जा मिला हुआ है और वे इसका लाभ ले रहे हैं।
दूसरी ओर वे समुदाय, जो वास्तविक रूप से अल्पसंख्यक हैं, राज्य स्तर पर अल्पसंख्यक का दर्जा प्राप्त न होने के कारण लाभ से वंचित हैं।
लक्षद्वीप में मात्र 2% हिंदू हैं लेकिन वे वहाँ अल्पसंख्यक न होकर बहुसंख्यक हैं और 96% प्रतिशत आबादी वाले मुसलमान अल्पसंख्यक हैं।
उत्तर प्रदेश के अनुसूचित जाति का व्यक्ति राजस्थान में अनुसूचित जाति का नहीं माना जाता। जब प्रदेश बदलने के साथ उस व्यक्ति की SC, ST, OBC स्थिति बदल जाती है तो अल्पसंख्यक की स्थिति को बदलने में क्या समस्या है?
*निष्कर्ष*
एक लोकतांत्रिक, बहुलवादी राजनीति में अल्पसंख्यक अधिकार आवश्यक हैं।
फ्रैंकलिन रूजवेल्ट ने कहा है कि "कोई भी लोकतंत्र लंबे समय तक जीवित नहीं रह सकता है जो अल्पसंख्यकों के अधिकारों की मान्यता को अपने अस्तित्व के लिये मौलिक नहीं मानता है"।
संविधान में ‘अल्पसंख्यक’ शब्द को परिभाषित न करने का कारण उस समय की परिस्थितियाँ थीं लेकिन आज की परिस्थिति के अनुसार, इसमें बदलाव आवश्यक है।
भारत लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष और लोक कल्याणकारी राज्य है।
अतः सभी वर्गों के लोगों को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार है।
संविधान सभा ने दूरदर्शिता का परिचय देते हुए संविधान में भाषायी और धार्मिक आधार पर अल्पसंख्यकों को संरक्षित करने की बात की लेकिन अल्पसंख्यक को परिभाषित करने से परहेज़ किया।
बदलते परिदृश्य में अब समय आ गया है क़ि राष्ट्रीय स्तर पर नहीं बल्कि प्रादेशिक स्तर पर अल्पसंख्यकों को परिभाषित किया जाए, जिन राज्यों में जिस समुदाय के लोग सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से तथा जनसंख्या के आधार पर अल्पसंख्यक हैं, उन्हें अल्पसंख्यक का दर्जा दिया जाए।
[25/02, 1*ओ_आई_सी_संयुक्त_राष्ट्र_ *सबसे_बड़ा_संगठन_है
पहली_बार_भारत_कॊ_इनवाइट_किया_गया_है*
मुस्लिम बहुल देशों के शक्तिशाली संगठन
ओआईसी के विदेश मंत्रियों के उद्घाटन पूर्ण सत्र में भारत को आमंत्रित किया गया है।
भारत को ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉर्पोरेशन (ओआईसी) की 50वी वर्षगांठ में गेस्ट_ऑफ_ऑनर’ के तौर पर आमंत्रित किया गया है।
ओआईसी के विदेश मंत्रियों की परिषद का 46वां सत्र 1 और 2 मार्च को अबू धाबी में होगा।
गौरतलब है कि ओआईसी आमतौर पर पाकिस्तान का समर्थक है और कश्मीर मुद्दे पर अक्सर ही पाकिस्तान का पक्ष लेता है।
विदेश_मंत्रालय ने बताया है कि संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने सुषमा को गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर आमंत्रित किया है और भारत इस न्योते को स्वीकार कर खुश है।
संयुक्त_राष्ट्र_के_बाद विश्व का दूसरा सबसे बड़ा संगठन
‘ ओआईसी ‘ पाकिस्तान और बंगलादेश हैं इसके सदस्य लेकिन भारत नहीं क्यों
इस्लामिक_सहयोग_संस्था – यह एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जिसकी स्थापना 26 सितंबर 1969 में हुई थी।ओआईसी ‘ संयुक्त राष्ट्र ‘ के बाद विश्व की दूसरी सबसे बड़ी संस्था कही जाती है। यह एक धार्मिक संस्था है जो मुस्लिम धर्म से सम्बन्धित है।
*57 मुस्लिम देश इस संस्था के सदस्य है। जो प्रकार है-*
अफ़्रीकी_देश – अल्जीरिया, बेनिन, बुर्किना फासो, कैमरून, कोमोरोस, चाड, जिबूती(Djibouti), मिस्र, गैबॉन , गाम्बिया , गिनी-बिसाऊ,
गिन्नी, आइवरी कोस्ट , लीबिया, माली ,मॉरिटानिया ,मोरक्को, मोजाम्बिक , नाइजर, नाइजीरिया, सेनेगल, सियार लिओने , सोमालिया ,सूडान , टोगो , ट्यूनीशिया, युगांडा
एशियाई_देश- अफ़ग़ानिस्तान , बहरीन, बांग्लादेश , ब्रूनेई , इंडोनेशिया , ईरान , इराक , जॉर्डन , कजाखस्तान , कुवैट , किर्गिज़स्तान , लेबनान ,मलेशिया , मालदीव , ओमान , पाकिस्तान , फिलिस्तीन , कतर , सऊदी अरब ,, सीरिया तजाकिस्ता , तुर्कमेनिस्तान , संयुक्त अरब अमीरात .
उज़्बेकिस्तान , यमन
यूरोपीय_देश – अल्बानिया , अज़रबाइजान , तुर्की
दक्षिण_अमेरिकी_देश – गुयाना , सूरीनाम
इसके साथ-साथ ‘ रूस ‘ और ‘ थाईलैंड ‘ इस संस्था के पर्यवेक्षक सदस्य है।
*ओ_आई_सी_का_मूल_उद्देश्य_है*
इस्लामी सामाजिक और आर्थीक मूल्यों की रक्षा करना।
संस्था के सभी सदस्यो के बीच एकजुटता को बढ़ावा देना
सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक, और राजनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए आपस के सहयोग को बढ़ावा देना।
अंतरराष्ट्रीय शांति बनाए रखना एवं मुस्लिम जगत के हितों की रक्षा करना।
संयुक्त राष्ट्र की तरह इनकी भी मानवाधिकार की एक मापदंड है और इस संस्था का उद्देश्य है, कि दुनिया में मुसलमानो के मानवाधिकार का हनन न हो।
परन्तु इस संस्था की गौर से समीक्षा की जाए तो इसकी दोहरी मापदंड स्पष्ट छलकती है इसे हम भारत के साथ भी जोर कर देखा सकते है। इंडोनेशिया के बाद विश्व की सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी भारत में रहती है
जो कि विश्व के किसी भी देश से ज्यादा है इस नजरिये से देखा जाए तो ओआईसी की सदस्यता प्राप्त करने की सबसे मजबूत दावेदारी भारत की है।
लेकिन यह एक बड़ी विडंबना ही की जहाँ विश्व की दूसरी सबसे बरी मुस्लिम आबादी रहती है उस देश के पास इस संस्था की सदस्यता नहीं है
वही_रूस_एवं_थाईलैंड जहाँ मुस्लिम आबादी न के बराबर है और ये दोनों देश इस संस्था के पर्यवेक्षक सदस्य है।
हालांकि भारत भी इसकी सदस्यता के लिए उत्सुक नहीं है और कोई ख़ास प्रयास भी नहीं करता है।
2006 में सऊदी शासक ‘ अब्दुल्ला बिन अब्दुल अजीज अल सऊद ‘ ने भारत की तरफ से पर्यवेक्षक सदस्यता की बात ओआईसी में रखने की पेशकश की थी लेकिन पाकिस्तान के विरोध की वजह से यह बात आगे नहीं बढ़ सकी।
अब हालाँकि माहौल ऐसा बन बन गया है कि अगर भारत सदस्यता प्राप्त करने के लिया प्रस्ताव दे तो भारत को समर्थन मिल जाए #_नार्को_टेस्ट_क्या_है_और_कैसे_किया_जाता_है
#_नार्को_टेस्ट_में_व्यक्ति_हमेशा_सच_ही_क्यॊ_बोलता_हे
नार्को टेस्ट में व्यक्ति को #_ट्रुथ_सीरम_इंजेक्शन के द्वारा दिया जाता है जिससे व्यक्ति स्वाभविक रूप से बोलता है।
नार्को विश्लेषण एक #_फोरेंसिक परीक्षण होता है, जिसे #_जाँच_अधिकारी_मनोवैज्ञानिक_चिकित्सक_और_फोरेंसिक_विशेषज्ञ की उपस्थिति में किया जाता है।
#_भारत में हाल के कुछ वर्षों से ही ये परीक्षण आरंभ हुए हैं, किन्तु बहुत से विकसित देशों में वर्ष 1922 में मुख्यधारा का भाग बन गए थे,
#_जब_राबर्ट_हाउस_नामक_टेक्सास_के_डॉक्टर ने स्कोपोलामिन नामक ड्रग का दो कैदियों पर प्रयोग किया था।
#_एमोबार्बिटल_नार्को_विशलेषण शब्द नार्क से लिया गया है, जिसका अर्थ है नार्कोटिक।
#_हॉर्सले_ने_पहली बार नार्को शब्द का प्रयोग किया था।
#_नार्को_परीक्षण_करने_के_लिए सोडियम पेंटोथॉल, सोडियम एमेटल ,
इथेनॉल , बार्बिचेरेट्स ,
स्कोपोल-अमाइन, टेपाज़ेमैन आदि को आसुत जल में मिलाया जाता है।
परीक्षण के दौरान व्यक्ति को #_सोडियम_पेंटोथॉल का इंजेक्शन लगाया जाता है।
व्यक्ति को दवा की मात्रा उसकी आयु, लिंग, स्वास्थ्य और शारीरिक परिस्थिति के आधार पर दी जाती है।
यदि परीक्षण के दौरान अधिक मात्रा दे दी जाये तो वह #_कोमा_में भी जा सकता है या उसकी मृत्यु भी हो सकती है।
#_परीक्षण_में_प्रश्नों के उत्तर देते हुए पूरी तरह से व्यक्ति होश में नहीं होता है और इसी कारण से वह प्रश्नों के सही उत्तर देता है
क्योंकि वह उत्तरों को घुमा-फिरा पाने की स्थिति में नहीं होता है। इस ड्रग के प्रभाव में न केवल वह अर्ध बेहोशी की हालत में चला जाता है बल्कि उसकी तर्क बुद्धि (रिजिनिंग) भी कार्यशील नहीं रहती है।
वह व्यक्ति जो एक तरह से सम्मोहन अवस्था में चला गया होता है, वह अपनी तरफ़ से अधिक कुछ बोलने की स्थिति में नहीं होता बल्कि पूछे गए कुछ सवालों के बारे में ही कुछ बता सकता है।
यह भी माना जाता है कि नार्को टेस्ट में व्यक्ति हमेशा सच ही उगलता है, जबकि बहुत कम किन्तु फिर भी उस अवस्था में भी वह झूठ बोल सकता है, एवं विशेषज्ञों को गुमराह कर सकता है।
#_विश्व_में_प्रयोग_नार्को_टेस्ट_का
जहाँ विकसित विश्व के बहुत से देशों ने ऐसे परीक्षणों को अन्वेषण से मुख्य रूप से पृथक कर दिया हो, अधिकतर गणतांत्रिक विश्व जिनमे अमेरिका और ब्रिटेन भी शामिल हैं,
वहाँ ऐसे परीक्षण कुछ समय से प्राय: लुप्त हो गए हैं। भारत में इसका प्रयोग आरंभ होने के बाद किसी अपराध के संदिग्ध को पकड़ते ही लोग उसके नार्को परीक्षण की मांग करने लगते हैं। उनका ये मानना होता है कि इस परीक्षण के बाद सच्चाई सामने निश्चित ही आ जायेगी, जबकि इसके पूरे प्रतिशत नहीं होते हैं।
#_भारतीय_संविधान का एक प्रमुख तत्त्व है
धारा 20 अनु.3 इसके तहत "किसी व्यक्ति को जिस पर कोई आरोप लगे हैं, उसे अपने विरुद्ध गवाह के रूप में प्रयोग नहीं किया जाएगा।"
यदि नार्को परीक्षण की मूल अंतर्वस्तु को समझाने की कोशिश करेंगे तो इसके द्वारा व्यक्ति को किसी रूप में स्वयं के विरुद्ध ही गवाह के रूप में प्रयोग किए जाने की संभावना बनी रहती है।
लेकिन विगत कुछ निर्णयों में माननीय न्यायालयों के द्वारा परीक्षण के पक्ष में मत दिया गया है।
#_भारत_के_मानसिक_स्वास्थ्य_संस्थान #_नेशनल_इंस्टिटयूट_ऑफ_मेण्टल_हेल्थ_एण्ड_न्यूरो_साइंसेस (निम्हैन्स) के निदेशक की अध्यक्षता में बनी विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों की समिति कमेटी ने ब्रेन मैपिंग आदि परीक्षणों के बरे में कहा है कि ये परीक्षण अवैज्ञानिक हैं और उन्हें जांच के उपकरण के रूप में प्रयोग करने पर तत्काल रोक भी लगानी चाहिए।
नार्को परीक्षण के अलावा सच उगलवाने के लिए #_पॉलीग्राफ_लाईडिटेक्टर_टेस्ट_और_ब्रेन_मैपिंग_टेस्ट किया जाता है।
#_उच्चतम_न्यायालय_का_निर्णय
5 मई 2010 को दिये अपने एक निर्णय में भारत के उच्चतम न्यायालय ने बिना सहमति के कराये गये नार्को, ब्रेन मैपिंग और पॉलीग्राफ आदि परीक्षणों को अवैधानिक या अवैध करार दिया है।
न्यायालय ने व्याख्या दी है कि ऐसा करना व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन है।
[25/02, 11:28 PM] 🚀परमाणु बम के बारे में 10 रोचक तथ्य
🚀🚀परमाणु बम एक प्रकार का विस्फोटक हथियार है जो परमाणु विखंडन या संलयन के माध्यम से परमाणु प्रतिक्रियाओं का उपयोग करता है. इस तरह के हथियार भारी मात्रा मे उर्जा छोड़ते हैं और इसीलिए ये विनाश का कारण भी बनता है. सबसे पहले परमाणु बम का प्रयोग द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुआ था. इन हतियारों को काफी विनाशकारी माना जाता है क्योंकि एक ही बम लाखों लोगों को मारने और पूरे शहर को नष्ट करने की क्षमता रखता है. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं परमाणु बम के बारे में और कब इसको हिरोशिमा और नागासाकी में गिराया गया था और इसके क्या परिणाम हुए थे, इत्यादि.
परमाणु बम के बारे में रोचक तथ्य
🚀1. परमाणु बम में युरेनियम या प्लूटोनियम के परमाणु विखंडन से ऊर्जा उत्पन्न होती है. इसके लिए परमाणु के केंद्रक में न्यूट्रॉन से चोट किया जाता है जिससे बहुत बड़ी मात्रा में उर्जा उत्पन्न होती है. इसी प्रक्रिया को नाभिकीय विखंडन भी कहते हैं. ये हम सब जानते हैं कि परमाणु बम इतना खतरनाक होता है कि अगर कहीं गिरा दिया जाए तो दशकों तक जन-जीवन का निशान नहीं रहेगा और पेड़ पौधे भी उग नहीं पाएंगे. जैसा कि जापान के दो शहर हिरोशिमा और नागासाकी में हुआ जब अमेरिका ने परमाणु बम गिराए थे.
🚀2. 6 अगस्त, 1945 को, संयुक्त राज्य अमेरिका ने जापान (हिरोशिमा) में अपना पहला परमाणु बम गिराया था. तीन दिन बाद, 9 अगस्त, 1945 को, जापान का नागासाकी अमेरिका का अगला लक्ष्य बना था. पहला परमाणु बम का उपनाम था 'लिटिल बॉय' और दूसरे का 'फैट मैन'. जो बम नागासाकी पर गिराया गया था वो पहले जापान के कोकुरा शहर पर गिराया जाना था लेकिन मौसम खराब होने के चलते नागासाकी पर ही गिरा दिया गया. क्योटो शहर पर भी इस बम को गिराने का प्लान था लेकिन युद्ध के सेक्रेटरी हेनरी स्टिमसन ने इस जगह को बदलवा दिया था.
🚀3. संयुक्त राज्य अमेरिका युद्ध में परमाणु हथियारों का उपयोग करने वाला पहला और एकमात्र राष्ट्र बन गया.
🚀4. जिस विमान से हिरोशिमा पर बम गिराया गया था उसका नाम "Enola Gay" और जिस विमान से दूसरा बम गिराया गया था उसका नाम "Bockscar" था. दोनों परमाणु बम जमीन से कुछ 100 फीट की उंचाई पर हवा में फटे थे.
🚀5. पहले परमाणु हथियार जे रॉबर्ट ओपेनहाइमर के नेतृत्व में उनकी एक वैज्ञानिक टीम ने विकसित किए थे. हम आपको बता दें कि परमाणु हथियार दो प्रकार के होते हैं: विखंडन और थर्मोन्यूक्लियर. विखंडन बम में विखंडन प्रतिक्रियाओं का प्रयोग किया जाता है और ऊर्जा निकलती है वहीं थर्मोन्यूक्लियर बम को हाइड्रोजन बम या एच-बॉम्ब भी कहा जाता है.
🚀6. ऐसा कहा जाता है कि जब परमाणु बम को जापान के दो शहरों में गिराया गया था तब परिणामस्वरूप 1,40,000 से ज्यादा लोग हिरोशिमा में और लगभग 74000 नागासाकी में 1945 के अंत तक मारे गए थे. और हज़ारों लोग अभी भी विकिरण बीमारी से पीड़ित हैं.
🚀7. हिरोशिमा में बम के गिरने से 15,000 टन टीएनटी का विस्फोट होने की कारण काफी प्रभाव पड़ा जिसके परिणामस्वरूप 70% इमारतों को नष्ट कर दिया गया था. जब विस्फोट हुआ था तब 500 मीटर के भीतर 90% लोग तीन सप्ताह में गंभीर जलन या विकीरण की उच्च खुराक से मर गए थे.
🚀8. हिरोशिमा विस्फोट के दौरान बम विस्फोट की साइट के पास तापमान 300,000 डिग्री सेल्सियस (540,000 डिग्री फ़ारेनहाइट) और लगभग 4,000 डिग्री सेल्सियस जमीन के नीचे होने का अनुमान लगाया गया था. यानी कि यह तापमान स्टील को पिघलाने के लिए काफी होता है. इस हमले से 1005 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली थी और 10 वर्ग किलोमीटर में गहरे गढ्ढे बन गए थे और 500 मीटर तक 19 Tons Per Square Inch का प्रेशर Create हुआ था. यह किसी भी विशाल बिल्डिंग को हवा में उड़ाने के लिए काफी था.
🚀9. हिरोशिमा के परमाणु बम विस्फोट के एक महीने बाद, एक चक्रवात भी आया था जिसके कारण शहर में लगभग 2,000 लोगों की मौत हो गई थी. यहीं आपको बता दें कि अमेरिकी में 10% बिजली विघटित परमाणु बम से बनी है.
🚀10. न्यू मैक्सिको में एक परमाणु बम संग्रहालय है, इसका मिशन परमाणु इतिहास और विज्ञान के लिए अमेरिका के संसाधन के रूप में कार्य करना है. संग्रहालय प्रति वर्ष केवल 12 घंटे के लिए ही खुलता है. 1950 के दशक में, लास वेगास को मिस परमाणु बम का ताज पहनाया गया था.
🚀😂जापान के राजा हिरोहित्तो (Hirohito) ने नागासाकी परमाणु हमले के 6 दिन बाद अमेरिकी सेना के सामने आत्म समर्पण कर दिया था. ऐसा कहा जाता है कि अगर जापान सरेंडर नहीं करता तो अमेरिका ने 19 अगस्त को एक और शहर पर परमाणु बम गिराने की योजना बनाई थी. तो अब आपको ज्ञात हो गया होगा कि परमाणु बम क्या होता है और किस प्रकार से हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराया गया था और फिर उसके क्या-क्या परिणाम हुए
✅1. *प्रधानमंत्री मोदी ने दांडी में ‘नमक सत्याग्रह स्मारक’ का उद्घाटन किया*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 जनवरी 2019 को गुजरात के सूरत और दांडी का दौरा किया. यहां उन्होंने सूरत हवाईअड्डे पर टर्मिनल भवन के विस्तार परियोजना और एक अस्पताल की आधाशिला रखी. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने दांडी में राष्ट्रीय नमक सत्याग्रह स्मारक राष्ट्र को समर्पित किया.
यहां 14 नमक बनाने वाले पेन रखे गये हैं. साथ ही खारा पानी भी उपलब्ध कराया गया है. पर्यटक जब खारा पानी पेन में डालेंगे, तब पेन के अंदर लगी हुई मशीन पानी का वाष्पीकरण कर देगी और पेन में नमक बन जाएगा. इसके अतिरिक्त 41 सोलर वृक्ष प्रतिदिन 144 किलोवाट बिजली उत्पन्न करेंगे. इनका इस्तेमाल स्मारक में बिजली की आपूर्ति के लिए किया जाएगा.
✅2. *कैद में रखे हाथियों का पहला सर्वेक्षण जारी*
भारत में कैद में रखे हाथियों के पहले सर्वे के अनुसार, देश में कुल 2,454 हाथी कैद में हैं जिनमें से 58% असम (905) और केरल (518) में हैं. देशभर में बंधक बनाकर रखे गए हाथियों में आधे से ज्यादा सिर्फ केरल और असम में हैं.
भारत में हाथियों को बंधक बनाकर रखे जाने के चौंकाने वाले आंकड़े सामने है. बतौर सर्वे, 2454 हाथियों में एक-तिहाई गैर-कानूनी रूप से निजी कैद में हैं. यह जानकारी पर्यावरण और वन मंत्रालय द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे में सामने आई है.
✅3. *उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने विश्व के सबसे लंबे ‘गंगा एक्सप्रेस-वे’ के निर्माण हेतु मंजूरी दी*
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में 29 जनवरी 2019 को प्रयागराज में चल रहे कुंभ के दौरान कैबिनेट बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत 600 किलोमीटर लंबे ‘गंगा एक्सप्रेस-वे’ बनाने के फैसले पर मुहर लगाई गई है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि यह दुनिया का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होगा. प्रयागराज को पश्चिमी यूपी से जोड़ने के लिए एक्सप्रेस-वे बनाने का फैसला लिया गया है. इसको बनाने में यूपी सरकार तकरीबन 36 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी.
✅4. *चित्रा मुद्गल सहित 24 लेखक साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित*
हिन्दी की प्रसिद्ध लेखिका चित्रा मुदगल सहित 24 लेखकों को 29 जनवरी 2019 को साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया. अकादमी के अध्यक्ष एवं कन्नड़ के प्रख्यात नाटककार चंद्रशेखर क्म्बार ने इन लेखकों को वर्ष 2018 के लिए यह प्रस्कार प्रदान किये.
पुरस्कार में एक लाख रुपये की राशि, प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न एवं शॉल शामिल हैं. अंग्रेजी के लेखक अनीस सलीम और ओडिया लेखक दाशरथी दास की गैर-मौजूदगी में यह पुरस्कार उनके प्रतिनिधियों ने प्राप्त किये.
✅5. *पूर्व रक्षामंत्री जॉर्ज फ़र्नांडिस का निधन*
भारत के पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का 29 जनवरी 2019 को नई दिल्ली के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया. वे 88 वर्ष के थे. दिल्ली में उन्होंने सुबह 7 बजे आखिरी सांस ली. जॉर्ज फर्नांडिस लंबे समय से बीमार चल रहे थे, वो अल्जाइमर नाम की बीमारी से परेशान थे.
वाजपेयी सरकार के दौरान जॉर्ज फर्नांडिस देश के रक्षामंत्री रहे थे. अंतिम बार वे अगस्त 2009 से जुलाई 2010 के बीच तक राज्यसभा सांसद रहे थे. फर्नांडिस ने भारत सरकार में रक्षा मंत्रालय, उद्योग मंत्रालय जैसे कई अहम विभाग संभाले थे.
✅6. *WHO ने साल 2019 में सेहत के 10 संभावित खतरों की सूची जारी की*
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में 10 उन बीमारियों/खतरों की सूची जारी की है जो 2019 में दुनिया को संभावित स्वास्थ्य संकट में डाल सकती हैं. डब्ल्यूएचओ द्वारा सुझाए गये इन 10 खतरों के कारण विश्व स्वास्थ्य संगठन 2019 में नई पंच वर्षीय रणनीतिक योजना की शुरुआत करने जा रहा है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी 10 स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं डब्ल्यूएचओ तथा अन्य स्वास्थ्य सहयोगियों के लिये चुनौती साबित हो सकती हैं. डब्ल्यूएचओ का कहना है कि यदि इन संभावित खतरों से नहीं निपटा गया तो स्वास्थ्य संबंधित गंभीर खतरे उत्पन्न हो सकते हैं.
✅7. *पद्म पुरस्कार 2019 घोषित: जानें गंभीर, कादर खान समेत पूरी सूची*
देश के दूसरे सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्म पुरस्कारों की घोषणा 25 जनवरी 2019 को कर दी गई. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कुल 112 व्यक्तियों को पद्म पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की. इस बार 4 को पद्म विभूषण, 14 को पद्मभूषण और 94 को पद्मश्री सम्मान दिया जाएगा. इस पुरस्कार से सम्मानित किये जाने वाले लोग देशभर से और समाज के सभी वर्गों से है. गृह मंत्रालय की ओर से दी गई आधिकारिक सूचना के मुताबिक स्व. अभिनेता कादर खान, स्व. कुलदीप नैय्यर, क्रिकेटर गौतम गंभीर, वरिष्ठ अधिवक्ता एचएस फुल्का, वैज्ञानिक नंबी नारायण, पर्वतरोही बछेंद्री पाल और दक्षिण के अभिनेता मोहन लाल सहित 112 हस्तियों को पद्म अवार्ड्स के लिए चुना गया है.
✅8. *ऑस्ट्रेलियन ओपन 2019: जोकोविच ने रिकॉर्ड सातवीं बार ख़िताब जीता*
ऑस्ट्रेलियन ओपन 2019 का 27 जनवरी 2019 को समापन हुआ. ख़िताबी मुकाबले मेलबर्न में खेले गये. यह साल में खेले जाने वाले चार ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिताओं में से एक है. इसमें नोवाक जोकोविच ने इतिहास रचते हुए रिकॉर्ड सातवीं बार ख़िताब जीता है.
विश्व के नंबर एक खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने ऑस्ट्रेलियन ओपन टेनिस चैंपियनशिप में एकतरफा फाइनल मैच के दूसरे क्रम के राफेल नडाल को सीधे सेटों में 6-3, 6-2, 6-3 से हराया. वे इसी के साथ रिकॉर्ड सात बार ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीतने वाले *दुनिया के पहले खिलाड़ी* बन गए.
✅9. *प्रणब मुखर्जी, नानजी देशमुख तथा भूपेन हज़ारिका को भारत रत्न*
राष्ट्रपति भवन की ओर से 25 जनवरी 2019 को जारी जानकारी में घोषणा की गई कि वर्ष 2019 में तीन हस्तियों को भारत रत्न सम्मान दिया जायेगा. इस घोषणा में नानाजी देशमुख, भूपेन हज़ारिका और प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न दिए जाने की घोषणा की गई.
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, मशहूर संगीतकार भूपेन हजारिका और आरएसएस से जुड़े नेता एवं समाजसेवी नानाजी देशमुख को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जाएगा. राष्ट्रपति भवन से जारी बयान में कहा गया कि नानाजी देशमुख एवं भूपेन हजारिका को यह सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया जाएगा.
✅10. *चेन्नई में सौर ऊर्जा और जल उपचार प्रौद्योगिकी मिशन केन्द्रों का शुभारंभ किया गया*
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 25 जनवरी 2019 को चेन्नई के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटीएम) में स्थित विज्ञान और प्रौद्योगिकी केंद्र द्वारा स्थापित तीन प्रमुख केंद्रों का शुभारंभ किया.
इन तीनों में पहले डीएसटी- आईआईटीएम सोलर एनर्जी हारनेसिंग सेंटर की स्थापना की गई है. इस केंद्र में सिलिकॉन सोलर सेल जैसी अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास गतिविधियों की विस्तृत श्रृंखला पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा.
✅11. *वेनेज़ुएला संकट: विश्व में उभरती नई समस्या*
वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो द्वारा हाल ही में अमेरिका के साथ सभी राजनीतिक संबंध समाप्त किये जाने की घोषणा की गई. इस घोषणा के बाद वेनेज़ुएला का राजनीतिक संकट एक बार फिर चर्चा में आ गया है.
वेनेज़ुएला में जनता द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन किये जा रहे हैं. इसमें बहुत से लोगों के मारे जाने और आगजनी की सैंकड़ों घटनाएं सामने आ चुकी हैं. वेनेज़ुएला लंबे समय से आर्थिक संकट झेल रहा था लेकिन अब वह राजनीतिक संकट में भी फंस गया है. वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन से उपजे राजनीतिक संकट में अमेरिका और रूस के अलावा और भी कई देश कूद पड़े हैं जिससे यह एक वैश्विक रूप लेता नज़र आ रहा है.
✅12. *इसरो ने छात्रों द्वारा तैयार ‘कलामसैट’ और इमेजिंग सैटेलाईट ‘माइक्रोसैट आर’ लॉन्च किया*
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 24 जनवरी 2019 को विश्व के सबसे छोटे सैटेलाइट ‘कलामसैट’ को लॉन्च किया. पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल PSLV C-44 के द्वारा कलामसैट और माइक्रो सैट-आर को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया.
कलामसैट की खासियत यह है कि इसे छात्रों ने विकसित किया है. इसके अलावा, माइक्रोसैट-आर की खासियत है कि यह अन्तरिक्ष से पृथ्वी की तस्वीरें लेने में सक्षम है. इसरो की ओर से जारी मिशन की जानकारी के अनुसार, श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से PSLV C-44 के लॉन्चिंग की उल्टी सुचारु रूप से आरंभ की गई. यह इसरो के पीएसएलवी व्हीकल की 46वीं उड़ान है.
✅13. *प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस संग्रहालय का उद्घाटन किया*
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 122वीं जयंती के अवसर पर 23 जनवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली में लालकिले में सुभाष चंद्र बोस संग्रहालय का उद्घाटन किया. इस संग्रहालय में सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज से जुड़ीं चीजों को प्रदर्शित किया गया है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सुभाष चंद्र बोस के पोते भी मौजूद थे. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने याद-ए-जलियां संग्रहालय (जलियांवाला बाग और प्रथम विश्वयुद्ध पर संग्रहालय) और 1857 (प्रथम स्वतंत्रता संग्राम) पर संग्रहालय और भारतीय कला पर दृश्यकला संग्रहालय का भी उद्घाटन किया.
✅14. *राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ प्रदान किये*
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 22 जनवरी 2019 को राष्ट्रपति भवन में ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार- 2019’ प्रदान किये. ये पुरस्कार 26 चयनित विजेताओं को प्रदान किये गये.
इन पुरस्कारों में नवाचार, शैक्षिक, खेल, कला और संस्कृति, समाज सेवा और बहादुरी श्रेणी के तहत राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (जिसे अब बाल शक्ति पुरस्कार का नाम दिया गया है) के लिए एक संयुक्त पुरस्कार भी शामिल है. दो व्यक्तियों और तीन संस्थानों को भी राष्ट्रीय बाल कल्याण पुरस्कार श्रेणी (अब बाल कल्याण पुरस्कार का नाम दिया गया है) के तहत पुरस्कार दिये गए.
✅15. *विराट कोहली ICC अवार्ड्स में सर्वश्रेष्ठ वनडे और टेस्ट खिलाड़ी के साथ वर्ष 2018 के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर घोषित*
क्रिकेट की शीर्ष संस्था इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 22 जनवरी 2019 को वर्ष 2018 के पुरस्कारों की घोषणा करते हुए भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली को तीन सर्वश्रेष्ठ पुरस्कारों से नवाजा है. इसके अतिरिक्त आईसीसी ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर टीम ऑफ़ द इयर भी घोषित की है.
विराट कोहली को आईसीसी अवॉर्ड्स में क्रिकेटर ऑफ द ईयर (सर गारफील्ड सोबर्स ट्रॉफी), आईसीसी टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर और आईसीसी वनडे क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया. विराट कोहली इसके अलावा आईसीसी टेस्ट टीम ऑफ द ईयर और आईसीसी वनडे टीम ऑफ द ईयर में चुने गए और दोनों टीमों के कप्तान नियुक्त किए गए हैं.
✅16. *विश्व आर्थिक मंच 2019 दावोस में आयोजित*
इस आयोजन में दुनिया के बड़े-बड़े कारोबरियों अर्थशास्त्र, अंतरराष्ट्रीय संगठनों से लेकर दुनिया के दिग्गज नेता शामिल हुए हैं. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर कमलनाथ पहली बार इस सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं, वैसे वो पिछले 17 साल से लगातार दावोस विश्व आर्थिक सम्मेलन में शामिल होते रहे हैं.
दावोस में मुख्य सत्र के बाहर ओपन फोरम में जेन गुडॉल भी हिस्सा लेंगी. जेन गुडॉल मशहूर जंतु वैज्ञानिक हैं. चिम्पांजी को लेकर उनका शोधकार्य बहुत महत्वपूर्ण रहा है.
✅17. *भारत के 1% लोगों के पास 50% आबादी के बराबर संपत्ति: ऑक्सफैम रिपोर्ट*
ऑक्सफैम (Oxfam Report) द्वारा 21 जनवरी 2019 को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में अरबपतियों की संपत्ति में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है. ऑक्सफैम रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में अरबपतियों की संपत्ति में वर्ष 2018 में प्रतिदिन 2,200 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है. इस दौरान, देश के शीर्ष एक प्रतिशत अमीरों की संपत्ति में 39 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि 50 प्रतिशत गरीब आबादी की संपत्ति में महज तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.
ऑक्सफैम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि विश्व भर के अरबपतियों की संपत्ति में पिछले वर्ष 12 प्रतिशत (2.5 अरब डॉलर प्रतिदिन) की वृद्धि दर्ज की गई. इसके विपरीत दुनिया की आधी आबादी, जिन्हें गरीब माना जाता है, की दौलत 11% घट गई है.
✅18. *वाराणसी में प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन*
वासी भारतीय दिवस का 15 वां संस्करण 21 जनवरी 2019 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शुरू हो गया है. प्रवासी भारतीय दिवस (Pravasi Bhartiya Divas 2019) के लिए इस बार वाराणसी में बेहद खास आयोजन किया गया है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज समेत अन्य बड़े नेताओं की मौजूदगी में प्रवासी भारतीय दिवस समारोह की शुरुआत हुई. प्रवासी भारतीय दिवस समारोह वाराणसी में 21 से 23 जनवरी तक चलेगा.
✅19. *इसरो ने सीमा सुरक्षा के लिए विशेष उपग्रह लॉन्च करने की घोषणा की*
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा हाल ही में यह घोषणा की गई कि वह गृह मंत्रालय के लिए एक विशिष्ट उपग्रह प्रक्षेपित करेगा. उपग्रह का उद्देश्य पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं अन्य देशों से सटी भारत की सीमा को और मजबूत बनाना है. गृह मंत्रालय द्वारा एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है.
गृह मंत्रालय द्वारा बताया गया कि यह कदम सीमा प्रबंधन के सुधार में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के उपयोग को लेकर एक कार्य बल द्वारा की गई सिफारिशों का हिस्सा है. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है.
✅20. *विश्व का पहला मानवाधिकार को समर्पित टीवी चैनल लंदन में आरंभ*
इंटरनेशनल ऑब्जर्वेटरी ऑफ़ ह्यूमन राइट्स (IOHR) द्वारा विश्व में पहली बार मानवाधिकार को समर्पित टीवी चैनल आरंभ किया गया है. यह चैनल लंदन स्थित ऑफिस से आरंभ किया गया है. मानवाधिकार को समर्पित यह टीवी चैनल वेब आधारित होगा लेकिन यह यूरोप, लैटिन अमेरिका और मध्य पूर्व समेत 20 देशों के लोगों के लिए मानवाधिकार से सम्बंधित मुद्दों पर कार्यक्रम का प्रसारण करेगा.
IOHR द्वारा आरंभ किये गये इस चैनल के ब्रॉडकास्ट को netgem.tv प्लेटफार्म पर द्वारा देखा जा सकता है. फिलहाल इस चैनल पर अंग्रेजी में कार्यक्रम प्रसारित किये जा रहे हैं. लेकिन, आगे चलकर फारसी, तुर्की, अरबी तथा रूसी भाषा में भी कार्यक्रम प्रसारित किये जा सकते हैं.
✅21. *सरकार ने 2015-18 के गांधी शांति पुरस्कार विजेताओं की घोषणा की*
केंद्र सरकार ने 16 जनवरी 2019 को पिछले चार वर्षों के लिए गांधी शांति पुरस्कारों की घोषणा की है. केंद्र सरकार द्वारा 2015 से 2018 तक के गांधी शांति पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा की गई.
इस पुरस्कार से अंतिम बार वर्ष 2014 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को सम्मानित किया गया था. हालांकि, सरकार ने 2014 के बाद से इस पुरस्कार से किसी को सम्मानित नहीं किया था. इन पुरस्कारों के विजेताओं का फैसला एक ज्यूरी ने किया जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत के चीफ जस्टिस, जस्टिस रंजन गोगोई, लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, विपक्ष नेता मल्लिकार्जुन खडग़े तथा लालकृष्ण आडवाणी शामिल थे.
✅22. *चीन ने चांद पर कपास उगाने में सफलता हासिल की*
चीन द्वारा चांद पर भेजे गये रोवर चांग ई-4 द्वारा कपास के बीज अंकुरित करने में सफलता हासिल की गई है. चीन का दावा है कि उसने रोवर चांग ई-4 पर लगाए प्रयोगात्मक बॉक्स में यह सफल प्रयोग किया है. गौरतलब है कि यह पहला मौका है जब मनुष्य ने चांद पर कोई पौधा उगाया है. चीन के वैज्ञानिकों द्वारा 15 जनवरी 2019 को यह जानकारी सार्वजनिक की गई. चीन को अब चांद पर आलू उपजाने की भी उम्मीद है.
चोंगकिंग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने वायु, जल और मिट्टी युक्त 18 सेंटीमीटर का एक डिब्बा रोवर की सहायता से चांद पर भेजा था. इसके भीतर कपास, आलू और सरसों प्रजाति के एक-एक पौधे के बीज के साथ-साथ फ्रूट फ्लाई के अंडे और यीस्ट भेजे गए थे. प्रयोग की अगुवाई करने वाले चीन के वैज्ञानिक शाइ गेंगशिन ने कहा, “यह पहला मौका है, जब मानव ने चंद्रमा की सतह पर जीवविज्ञान में पौधों के विकास के लिए प्रयोग किए.”
✅23. *प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘फिलिप कोटलर’ पुरस्कार से सम्मानित*
पुरस्कार के प्रशस्तिपत्र में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का चयन ‘‘देश को उत्कृष्ट नेतृत्व’’ प्रदान करने के लिये किया गया है. इसके अनुसार, अथक ऊर्जा के साथ भारत के लिये उनकी निःस्वार्थ सेवा की वजह से देश ने बेहतरीन आर्थिक, सामाजिक और प्रौद्योगिकीय विकास किया है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की पहचान अब नवाचार और मूल्यवर्धित विनिर्माण (मेक इन इंडिया) के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी, लेखांकन एवं वित्त जैसे पेशेवर सेवाओं के केन्द्र के रूप में उभरी है.
✅24. *सिक्किम के मुख्यमंत्री ने 'एक परिवार, एक नौकरी' योजना का शुभारंभ किया*
सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग ने 12 जनवरी 2019 को 'एक परिवार, एक नौकरी' योजना का शुभारंभ किया. इस योजना की घोषणा पवन कुमार चामलिंग ने वर्ष 2018 में राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान की थी.
एक परिवार-एक नौकरी योजना के तहत नौकरी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी कार्मिक विभाग को दी गई है. उनका दावा है कि ऐसी योजना लागू करने वाला सिक्किम *देश का पहला राज्य* बन गया है.
✅25. *गुजरात आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10% आरक्षण देने वाला पहला राज्य बना*
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी द्वारा शिक्षा और रोज़गार में गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण को 14 जनवरी से लागू करने का निर्णय लिया गया है. केंद्र सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी है. अधिसूचना जारी होने के एक दिन बाद ही गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने यह घोषणा की.
शैक्षणिक संस्थाओं और सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से पिछड़ों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा. यह आरक्षण अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग कोटे के अतिरिक्त दिया जाएगा. पहले से घोषित उन भर्तियों में भी यह आरक्षण लागू होगा, जिनकी अभी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है.
✅26. *मिशन गगनयान दिसम्बर 2021 में लांच किया जायेगा: इसरो*
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने मिशन गगनयान को दिसम्बर 2021 में लांच करने की घोषणा की. इसरो प्रमुख के. सिवन ने 11 जनवरी 2019 को बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि भारत दिसंबर 2021 में अंतरिक्ष में मनुष्य को भेजने का लक्ष्य रखा है.इसरो प्रमुख ने बताया कि दो मानवरहित स्पेस मिशन का लक्ष्य दिसंबर 2020 और जुलाई 2021 रखा गया है. कैबिनेट ने भारतीय गगनयान मानव मिशन के लिए 10 हजार करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दे चुकी है. इस अभियान के तहत तीन एस्ट्रोनॉट सात दिन तक अंतरिक्ष में रह सकेंगे.
✅27. *मैरी कॉम दुनिया की नंबर एक महिला मुक्केबाज़ बनीं: एआईबीए*
भारत की प्रसिद्ध महिला मुक्काबाज मैरी कॉम दुनिया की नंबर एक महिला मुक्केबाज़ (48 किलोग्राम वर्ग में) बन गई हैं. अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज़ी संघ (एआईबीए) की ओर से जारी ताज़ा वरीयता सूची में मैरी कॉम को पहले-नबर पर रखा गया है.
एआईएबीए की वरीयता सूची में मैरीकॉम को अपने वर्ग में 1,700 प्वाइंट मिले हैं. छठी बार महिला मुक्केबाज़ी की विश्व चैंपियनशिप में मिली जीत ने उन्हें यह उपलब्धि दिलाई है.
✅28. *आईआईटी मद्रास ने प्रयोगशाला में ‘स्पेस फ्यूल’ तैयार किया*
आईआईटी मद्रास के शोधकर्ताओं द्वारा प्रयोगशाला में स्पेस फ्यूल तैयार किये जाने में सफलता हासिल की है. शोधकर्ताओं का कहना है कि यह फ्यूल अंतरग्रहीय परिस्थितियों को सिमुलेट करके प्रयोगशाला में बनाया गया है. विज्ञान पत्रिका प्रोसीडिंग्स ऑफ़ नेशनल अकैडमी ऑफ़ साइंसेज (PNAS) द्वारा हाल ही में इस शोध को प्रकाशित किया गया है.
शोधकर्ताओं द्वारा यह ईंधन भारत के लिए जैविक इंधन के एक स्वच्छ तथा सतत विकल्प के रूप में पेश किया गया है. वैज्ञानिकों का मानना है कि इस शोध से वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड को अगली पीढ़ी के उर्जा स्त्रोत में परिवर्तित किया जा सकता है. यह भी संभव है कि इससे ग्रीन हाउस गैस तथा ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी.
✅29. *नासा के सैटेलाईट TESS ने पृथ्वी से तीन गुना बड़ा ग्रह खोजा*
नासा के सैटेलाईट ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटेलाइट (TESS) ने सौरमंडल के बाहर एक नए ग्रह की खोज की है. TESS द्वारा खोजा गया यह तीसरा ग्रह है. वैज्ञानिकों का मानना है कि धरती से बाहर जीवन तलाशने की संभावनाओं की दिशा में यह एक बड़ी उपलब्धि है.
वैज्ञानिकों द्वारा जारी जानकारी के अनुसार घने वायुमंडल के चलते इस ग्रह पर जीवन की संभावना हो सकती है. इस नए ग्रह की खोज करने वाली टीम की अगुवाई मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के इंस्टीट्यूट फॉर एस्ट्रॉफिजिक्स एंड स्पेस रिसर्च की प्रोफेसर डायना ड्रैगॉमिर ने की है.
✅30. *LPU में ‘टाईम कैप्सूल’ को अगले 100 वर्षों के लिए जमीन में दबाया गया*
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), जालंधर में आयोजित 106वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस में इज़राइल के नोबल पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिक एवराम हेर्शको और अमेरिका के वैज्ञानिक एफ. डंकन एम. हॉल्डाने द्वारा 04 जनवरी 2019 को वर्तमान टेक्नोलॉजी और भारत के वैज्ञानिक कौशल का प्रतिनिधित्व करने वाली वस्तुओं के साथ एक टाईम कैप्सूल को जमीन में दबाया गया.
इस टाईम कैप्सूल में 100 ऐसी वस्तुओं को शामिल किया गया है, जो भारत में अनुभव की जाने वाली आधुनिक टेक्नोलॉजी का प्रतिनिधित्व करते हैं. यह कैप्सूल धरती में 100 वर्ष तक दबा रहेगा. इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को वर्तमान की तकनीक के बारे में अवगत कराना है.
[25/02, 11:35 AM] +91 94151 51128: *देश में अल्पसंख्यक कौन हैं* इसकी परिभाषा और आधार फिर से तय करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 11 फरवरी को सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को निर्देश दिया है कि वह तीन महीने के भीतर अल्पसंख्यक की परिभाषा तय करे।
याचिका में सुप्रीम कोर्ट के TMA पाई मामले में दिये गए संविधान पीठ के फैसले को आधार बनाकर मांग की गई थी कि अल्पसंख्यकों की पहचान राज्य स्तर पर की जाए, न कि राष्ट्रीय स्तर पर क्योंकि कई राज्यों में जो वर्ग बहुसंख्यक हैं उन्हें अल्पसंख्यक का लाभ मिल रहा है।
याचिका में अल्पसंख्यकों को 'अल्पसंख्यक संरक्षण' दिये जाने तथा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम की धारा 2(c) को रद्द किये जाने की मांग की गई है क्योंकि यह धारा मनमानी, अतार्किक और अनुच्छेद 14, 15 तथा 21 का उल्लंघन करती है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि इस धारा में केंद्र सरकार को किसी भी समुदाय को अल्पसंख्यक घोषित करने के असीमित और मनमाने अधिकार दिये गए हैं।
याचिका में कहा गया है कि हिंदू जो राष्ट्रव्यापी आँकड़ों के अनुसार एक बहुसंख्यक समुदाय है, वह पूर्वोत्तर के कई राज्यों और जम्मू-कश्मीर में अल्पसंख्यक है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि हिंदू समुदाय उन लाभों से वंचित है जो कि इन राज्यों में अल्पसंख्यक समुदायों के लिये मौजूद हैं।
अल्पसंख्यक पैनल को इस संदर्भ में ‘अल्पसंख्यक' शब्द की परिभाषा पर पुन: विचार करना चाहिये।
1947 में देश के विभाजन के दौरान मुस्लिम समुदाय के लगभग सभी लोग पाकिस्तान चले गए थे और भारत में इनकी संख्या बहुत कम रह गई।
हमारे संविधान निर्माताओं के मस्तिष्क में यह आशंका थी कि ऐसा न हो कि हिन्दुओं की बहुसंख्यक आबादी के कारण यहाँ केवल हिन्दुओं की ही सरकार बने और वह अल्पसंख्यकों के त्योहारों या उनके रीति-रिवाज़ का पालन करने पर कोई रोक लगा दे।
यही वज़ह है कि अनुच्छेद 29 और 30 में कहा गया कि भारत में जो अल्पसंख्यक हैं उनको अपने रीति-रिवाज़ तथा धर्म का पालन करने का अधिकार होगा।
इसके अलावा संविधान में और कुछ नहीं कहा गया।
*अल्पसंख्यक कौन है?*
संयुक्त राष्ट्र की परिभाषा के अनुसार, ‘Any group of community which is economically, politically non-dominant and inferior in population, अर्थात् ऐसा समुदाय जिसका सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक रूप से कोई प्रभाव न हो और जिसकी आबादी नगण्य हो, उसे अल्पसंख्यक कहा जाएगा।
अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत अल्पसंख्यक ऐसे समूह हैं जिनके पास विशिष्ट और स्थिर जातीय (Stable Ethnic), धार्मिक और भाषायी विशेषताएँ हैं।
*भारतीय संविधान के अनुच्छेद 29, 30, 350A तथा 350B में ‘अल्पसंख्यक’ शब्द का प्रयोग किया गया है* लेकिन इसकी परिभाषा कहीं नहीं दी गई है।
अनुच्छेद 29 में ‘अल्पसंख्यक’ शब्द का प्रयोग किया गया है जिसमें कहा गया है कि भारत के राज्य क्षेत्र या उसके किसी भाग के निवासी नागरिकों के किसी अनुभाग को जिसकी अपनी विशेष भाषा, लिपि या संस्कृति है, उसे बनाए रखने का अधिकार होगा।
अनुच्छेद 30 में बताया गया है कि धर्म या भाषा पर आधारित सभी अल्पसंख्यक वर्गों को अपनी रुचि की शिक्षा, संस्थानों की स्थापना और प्रशासन का अधिकार होगा।
*अनुच्छेद 350 A और 350 B केवल भाषायी अल्पसंख्यकों से संबंधित हैं।*
1992 के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम की धारा 2(c) के तहत 23 अक्तूबर, 1993 को सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में पाँच समुदायों मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, पारसी तथा बौद्ध को अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में मान्यता दी गई।
*2014 में जैन समुदाय को भी अल्पसंख्यक की श्रेणी में शामिल किया गया।*
*गुजरात सरकार ने राज्य में जैन समुदाय को अलग से अल्पसंख्यक घोषित किया है।.*
*TMA पाई फाउंडेशन बनाम यूनियन ऑफ़ इंडिया का मामला*
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के 11 जजों की संवैधानिक बेंच ने कहा है कि राज्य कानून के संबंध में धार्मिक या भाषायी अल्पसंख्यक का निर्धारण करने वाली इकाई केवल राज्य हो सकती है।
यहाँ तक कि अल्पसंख्यक का निर्धारण करने में एक केंद्रीय कानून के लिये भी ईकाई का आधार राज्य होगा न कि संपूर्ण भारत।
इस प्रकार, धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यक, जिन्हें अनुच्छेद 30 में बराबरी का दर्जा दिया गया है, को राज्य स्तर पर निर्धारित किया जाना चाहिये।
*अल्पसंख्यकों के निर्धारण का एक समान राष्ट्रीय तरीका क्यों नहीं है?*
भारत में समुदायों का असमान वितरण किसी समुदाय को राष्ट्रीय रूप से धार्मिक अल्पसंख्यक घोषित करने में परस्पर विरोधी स्थिति पैदा करता है, जो कुछ राज्यों में बहुसंख्यक हो सकता है।
नागरिकों का लगातार हो रहा प्रवासन जनसांख्यिकी को प्रभावित करता है।
धार्मिक या भाषायी समुदाय की संरचना में बदलाव भी एक बड़ा कारण है। जिसके कारण किसी भी स्थिर नीति का कारगर होना मुश्किल है।
1500 से अधिक क्षेत्रीय भाषाओं वाले इस देश में भाषायी अल्पसंख्यकों का पदनाम (Designation) चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
हमें TMA पाई मामले में बताए गए स्रोत और क्षेत्रीय कानून के संबंध में अल्पसंख्यक का दर्जा निर्धारित करना चाहिये।
*मापदंड तय किये जाने की ज़रुरत*
किसी समुदाय को राज्य स्तर पर अल्पसंख्यक घोषित करने में जो मुख्य समस्या यह है कि इस शब्द की परिभाषा कहीं नहीं बताई गई है, दूसरा यह कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम में भी इसकी कोई परिभाषा नहीं बताई गई है तथा तीसरा यह है कि सरकार ने जो अधिसूचना जारी की है उसका आधार क्या है यह निर्धारित नहीं है।
अगर हम मान लें कि राष्ट्रीय स्तर पर जनसंख्या को आधार माना गया है तो ऐसा राज्य स्तर पर क्यों नहीं हो सकता?
याचिका में धारा 2(c) तथा 23 अक्तूबर,1993 को जारी अधिसूचना को चुनौती दी गई है तथा इसे संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन बताया गया है।
*यह सही है कि अल्पसंख्यकों को संरक्षण मिलना चाहिये।*
यह भी सही है कि देश का विभाजन धर्म के आधार पर हुआ था, काफी हिंसा हुई थी इसके बावजूद संविधान निर्माताओं ने यह दूरदर्शी फैसला लिया कि हिंदुस्तान एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र होगा और सबको बराबर का हक़ दिया जाएगा।
लेकिन अल्पसंख्यक कौन हैं इसकी पहचान करना पहली शर्त होनी चाहिये।
यह विडंबनापूर्ण स्थिति है कि कहीं पर कोई समुदाय जो 96, 98 प्रतिशत है वह अल्पसंख्यक है और वहीँ किसी राज्य में 2 प्रतिशत आबादी वाले लोग बहुसंख्यक हैं और अल्पसंख्यक को मिलने वाले लाभ से वंचित हैं।
यह गैर-बराबरी है। इसे एड्रेस किये जाने की ज़रूरत है।
आने वाले समय में हिंदुस्तान में मुसलमानों की आबादी दुनिया के सभी देशों से अधिक होगी।
*ऐसी स्थिति में मुसलमान अल्पसंख्यक किस आधार पर होंगे?*
अल्पसंख्यक स्थिति का एक मानदंड तय होना चाहिये जिसमें जनसंख्या के अलावा अन्य कारकों पर भी विचार किया जाना चाहिये।
‘ **अल्पसंख्यक’ शब्द को परिभाषित किये जाने की आवश्यकता क्यों?*
*
संविधान में ‘अल्पसंख्यक’ शब्द की परिभाषा कहीं नहीं दी गई है।
*अल्पसंख्यक कौन होगा?*
यह राष्ट्रीय स्तर पर तय होगा या राज्य स्तर पर इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है।
1993 में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का गठन किया गया उस समय भी ‘अल्पसंख्यक’ शब्द को परिभाषित नहीं किया गया।.
वर्ष 2006 में अल्पसंख्यक मामले मंत्रालय का गठन हुआ तब भी ‘अल्पसंख्यक’ शब्द को परिभाषित नहीं किया गया।
आज़ादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी अल्पसंख्यक कौन हैं, न तो संविधान में परिभाषित किया गया और न ही किसी अन्य कानून में।
मिज़ोरम, मेघालय और नगालैंड ईसाई बहुसंख्यक राज्य हैं और अरुणाचल, गोवा, केरल, मणिपुर, तमिलनाडु तथा पश्चिम बंगाल में इनकी आबादी अच्छी खासी है फिर भी उन्हें अल्पसंख्यक माना जाता है।
इसी तरह पंजाब में सिख बहुसंख्यक हैं तथा दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा में इनकी पर्याप्त आबादी है फिर भी इन्हें अल्पसंख्यक माना जाता है।
लक्षद्वीप में 96.20% और जम्मू-कश्मीर में 68.30% मुसलमान हैं, जबकि असम (34.20%), पश्चिम बंगाल (27.5%), केरल (26.60%), उत्तर प्रदेश (19.30%) और बिहार (18%) में भी इनकी अच्छी-खासी जनसंख्या है फिर भी इन्हें अल्पसंख्यक का दर्जा मिला हुआ है और वे इसका लाभ ले रहे हैं।
दूसरी ओर वे समुदाय, जो वास्तविक रूप से अल्पसंख्यक हैं, राज्य स्तर पर अल्पसंख्यक का दर्जा प्राप्त न होने के कारण लाभ से वंचित हैं।
लक्षद्वीप में मात्र 2% हिंदू हैं लेकिन वे वहाँ अल्पसंख्यक न होकर बहुसंख्यक हैं और 96% प्रतिशत आबादी वाले मुसलमान अल्पसंख्यक हैं।
उत्तर प्रदेश के अनुसूचित जाति का व्यक्ति राजस्थान में अनुसूचित जाति का नहीं माना जाता। जब प्रदेश बदलने के साथ उस व्यक्ति की SC, ST, OBC स्थिति बदल जाती है तो अल्पसंख्यक की स्थिति को बदलने में क्या समस्या है?
*निष्कर्ष*
एक लोकतांत्रिक, बहुलवादी राजनीति में अल्पसंख्यक अधिकार आवश्यक हैं।
फ्रैंकलिन रूजवेल्ट ने कहा है कि "कोई भी लोकतंत्र लंबे समय तक जीवित नहीं रह सकता है जो अल्पसंख्यकों के अधिकारों की मान्यता को अपने अस्तित्व के लिये मौलिक नहीं मानता है"।
संविधान में ‘अल्पसंख्यक’ शब्द को परिभाषित न करने का कारण उस समय की परिस्थितियाँ थीं लेकिन आज की परिस्थिति के अनुसार, इसमें बदलाव आवश्यक है।
भारत लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष और लोक कल्याणकारी राज्य है।
अतः सभी वर्गों के लोगों को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार है।
संविधान सभा ने दूरदर्शिता का परिचय देते हुए संविधान में भाषायी और धार्मिक आधार पर अल्पसंख्यकों को संरक्षित करने की बात की लेकिन अल्पसंख्यक को परिभाषित करने से परहेज़ किया।
बदलते परिदृश्य में अब समय आ गया है क़ि राष्ट्रीय स्तर पर नहीं बल्कि प्रादेशिक स्तर पर अल्पसंख्यकों को परिभाषित किया जाए, जिन राज्यों में जिस समुदाय के लोग सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से तथा जनसंख्या के आधार पर अल्पसंख्यक हैं, उन्हें अल्पसंख्यक का दर्जा दिया जाए।
[25/02, 1*ओ_आई_सी_संयुक्त_राष्ट्र_ *सबसे_बड़ा_संगठन_है
पहली_बार_भारत_कॊ_इनवाइट_किया_गया_है*
मुस्लिम बहुल देशों के शक्तिशाली संगठन
ओआईसी के विदेश मंत्रियों के उद्घाटन पूर्ण सत्र में भारत को आमंत्रित किया गया है।
भारत को ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉर्पोरेशन (ओआईसी) की 50वी वर्षगांठ में गेस्ट_ऑफ_ऑनर’ के तौर पर आमंत्रित किया गया है।
ओआईसी के विदेश मंत्रियों की परिषद का 46वां सत्र 1 और 2 मार्च को अबू धाबी में होगा।
गौरतलब है कि ओआईसी आमतौर पर पाकिस्तान का समर्थक है और कश्मीर मुद्दे पर अक्सर ही पाकिस्तान का पक्ष लेता है।
विदेश_मंत्रालय ने बताया है कि संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने सुषमा को गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर आमंत्रित किया है और भारत इस न्योते को स्वीकार कर खुश है।
संयुक्त_राष्ट्र_के_बाद विश्व का दूसरा सबसे बड़ा संगठन
‘ ओआईसी ‘ पाकिस्तान और बंगलादेश हैं इसके सदस्य लेकिन भारत नहीं क्यों
इस्लामिक_सहयोग_संस्था – यह एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जिसकी स्थापना 26 सितंबर 1969 में हुई थी।ओआईसी ‘ संयुक्त राष्ट्र ‘ के बाद विश्व की दूसरी सबसे बड़ी संस्था कही जाती है। यह एक धार्मिक संस्था है जो मुस्लिम धर्म से सम्बन्धित है।
*57 मुस्लिम देश इस संस्था के सदस्य है। जो प्रकार है-*
अफ़्रीकी_देश – अल्जीरिया, बेनिन, बुर्किना फासो, कैमरून, कोमोरोस, चाड, जिबूती(Djibouti), मिस्र, गैबॉन , गाम्बिया , गिनी-बिसाऊ,
गिन्नी, आइवरी कोस्ट , लीबिया, माली ,मॉरिटानिया ,मोरक्को, मोजाम्बिक , नाइजर, नाइजीरिया, सेनेगल, सियार लिओने , सोमालिया ,सूडान , टोगो , ट्यूनीशिया, युगांडा
एशियाई_देश- अफ़ग़ानिस्तान , बहरीन, बांग्लादेश , ब्रूनेई , इंडोनेशिया , ईरान , इराक , जॉर्डन , कजाखस्तान , कुवैट , किर्गिज़स्तान , लेबनान ,मलेशिया , मालदीव , ओमान , पाकिस्तान , फिलिस्तीन , कतर , सऊदी अरब ,, सीरिया तजाकिस्ता , तुर्कमेनिस्तान , संयुक्त अरब अमीरात .
उज़्बेकिस्तान , यमन
यूरोपीय_देश – अल्बानिया , अज़रबाइजान , तुर्की
दक्षिण_अमेरिकी_देश – गुयाना , सूरीनाम
इसके साथ-साथ ‘ रूस ‘ और ‘ थाईलैंड ‘ इस संस्था के पर्यवेक्षक सदस्य है।
*ओ_आई_सी_का_मूल_उद्देश्य_है*
इस्लामी सामाजिक और आर्थीक मूल्यों की रक्षा करना।
संस्था के सभी सदस्यो के बीच एकजुटता को बढ़ावा देना
सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक, और राजनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए आपस के सहयोग को बढ़ावा देना।
अंतरराष्ट्रीय शांति बनाए रखना एवं मुस्लिम जगत के हितों की रक्षा करना।
संयुक्त राष्ट्र की तरह इनकी भी मानवाधिकार की एक मापदंड है और इस संस्था का उद्देश्य है, कि दुनिया में मुसलमानो के मानवाधिकार का हनन न हो।
परन्तु इस संस्था की गौर से समीक्षा की जाए तो इसकी दोहरी मापदंड स्पष्ट छलकती है इसे हम भारत के साथ भी जोर कर देखा सकते है। इंडोनेशिया के बाद विश्व की सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी भारत में रहती है
जो कि विश्व के किसी भी देश से ज्यादा है इस नजरिये से देखा जाए तो ओआईसी की सदस्यता प्राप्त करने की सबसे मजबूत दावेदारी भारत की है।
लेकिन यह एक बड़ी विडंबना ही की जहाँ विश्व की दूसरी सबसे बरी मुस्लिम आबादी रहती है उस देश के पास इस संस्था की सदस्यता नहीं है
वही_रूस_एवं_थाईलैंड जहाँ मुस्लिम आबादी न के बराबर है और ये दोनों देश इस संस्था के पर्यवेक्षक सदस्य है।
हालांकि भारत भी इसकी सदस्यता के लिए उत्सुक नहीं है और कोई ख़ास प्रयास भी नहीं करता है।
2006 में सऊदी शासक ‘ अब्दुल्ला बिन अब्दुल अजीज अल सऊद ‘ ने भारत की तरफ से पर्यवेक्षक सदस्यता की बात ओआईसी में रखने की पेशकश की थी लेकिन पाकिस्तान के विरोध की वजह से यह बात आगे नहीं बढ़ सकी।
अब हालाँकि माहौल ऐसा बन बन गया है कि अगर भारत सदस्यता प्राप्त करने के लिया प्रस्ताव दे तो भारत को समर्थन मिल जाए #_नार्को_टेस्ट_क्या_है_और_कैसे_किया_जाता_है
#_नार्को_टेस्ट_में_व्यक्ति_हमेशा_सच_ही_क्यॊ_बोलता_हे
नार्को टेस्ट में व्यक्ति को #_ट्रुथ_सीरम_इंजेक्शन के द्वारा दिया जाता है जिससे व्यक्ति स्वाभविक रूप से बोलता है।
नार्को विश्लेषण एक #_फोरेंसिक परीक्षण होता है, जिसे #_जाँच_अधिकारी_मनोवैज्ञानिक_चिकित्सक_और_फोरेंसिक_विशेषज्ञ की उपस्थिति में किया जाता है।
#_भारत में हाल के कुछ वर्षों से ही ये परीक्षण आरंभ हुए हैं, किन्तु बहुत से विकसित देशों में वर्ष 1922 में मुख्यधारा का भाग बन गए थे,
#_जब_राबर्ट_हाउस_नामक_टेक्सास_के_डॉक्टर ने स्कोपोलामिन नामक ड्रग का दो कैदियों पर प्रयोग किया था।
#_एमोबार्बिटल_नार्को_विशलेषण शब्द नार्क से लिया गया है, जिसका अर्थ है नार्कोटिक।
#_हॉर्सले_ने_पहली बार नार्को शब्द का प्रयोग किया था।
#_नार्को_परीक्षण_करने_के_लिए सोडियम पेंटोथॉल, सोडियम एमेटल ,
इथेनॉल , बार्बिचेरेट्स ,
स्कोपोल-अमाइन, टेपाज़ेमैन आदि को आसुत जल में मिलाया जाता है।
परीक्षण के दौरान व्यक्ति को #_सोडियम_पेंटोथॉल का इंजेक्शन लगाया जाता है।
व्यक्ति को दवा की मात्रा उसकी आयु, लिंग, स्वास्थ्य और शारीरिक परिस्थिति के आधार पर दी जाती है।
यदि परीक्षण के दौरान अधिक मात्रा दे दी जाये तो वह #_कोमा_में भी जा सकता है या उसकी मृत्यु भी हो सकती है।
#_परीक्षण_में_प्रश्नों के उत्तर देते हुए पूरी तरह से व्यक्ति होश में नहीं होता है और इसी कारण से वह प्रश्नों के सही उत्तर देता है
क्योंकि वह उत्तरों को घुमा-फिरा पाने की स्थिति में नहीं होता है। इस ड्रग के प्रभाव में न केवल वह अर्ध बेहोशी की हालत में चला जाता है बल्कि उसकी तर्क बुद्धि (रिजिनिंग) भी कार्यशील नहीं रहती है।
वह व्यक्ति जो एक तरह से सम्मोहन अवस्था में चला गया होता है, वह अपनी तरफ़ से अधिक कुछ बोलने की स्थिति में नहीं होता बल्कि पूछे गए कुछ सवालों के बारे में ही कुछ बता सकता है।
यह भी माना जाता है कि नार्को टेस्ट में व्यक्ति हमेशा सच ही उगलता है, जबकि बहुत कम किन्तु फिर भी उस अवस्था में भी वह झूठ बोल सकता है, एवं विशेषज्ञों को गुमराह कर सकता है।
#_विश्व_में_प्रयोग_नार्को_टेस्ट_का
जहाँ विकसित विश्व के बहुत से देशों ने ऐसे परीक्षणों को अन्वेषण से मुख्य रूप से पृथक कर दिया हो, अधिकतर गणतांत्रिक विश्व जिनमे अमेरिका और ब्रिटेन भी शामिल हैं,
वहाँ ऐसे परीक्षण कुछ समय से प्राय: लुप्त हो गए हैं। भारत में इसका प्रयोग आरंभ होने के बाद किसी अपराध के संदिग्ध को पकड़ते ही लोग उसके नार्को परीक्षण की मांग करने लगते हैं। उनका ये मानना होता है कि इस परीक्षण के बाद सच्चाई सामने निश्चित ही आ जायेगी, जबकि इसके पूरे प्रतिशत नहीं होते हैं।
#_भारतीय_संविधान का एक प्रमुख तत्त्व है
धारा 20 अनु.3 इसके तहत "किसी व्यक्ति को जिस पर कोई आरोप लगे हैं, उसे अपने विरुद्ध गवाह के रूप में प्रयोग नहीं किया जाएगा।"
यदि नार्को परीक्षण की मूल अंतर्वस्तु को समझाने की कोशिश करेंगे तो इसके द्वारा व्यक्ति को किसी रूप में स्वयं के विरुद्ध ही गवाह के रूप में प्रयोग किए जाने की संभावना बनी रहती है।
लेकिन विगत कुछ निर्णयों में माननीय न्यायालयों के द्वारा परीक्षण के पक्ष में मत दिया गया है।
#_भारत_के_मानसिक_स्वास्थ्य_संस्थान #_नेशनल_इंस्टिटयूट_ऑफ_मेण्टल_हेल्थ_एण्ड_न्यूरो_साइंसेस (निम्हैन्स) के निदेशक की अध्यक्षता में बनी विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों की समिति कमेटी ने ब्रेन मैपिंग आदि परीक्षणों के बरे में कहा है कि ये परीक्षण अवैज्ञानिक हैं और उन्हें जांच के उपकरण के रूप में प्रयोग करने पर तत्काल रोक भी लगानी चाहिए।
नार्को परीक्षण के अलावा सच उगलवाने के लिए #_पॉलीग्राफ_लाईडिटेक्टर_टेस्ट_और_ब्रेन_मैपिंग_टेस्ट किया जाता है।
#_उच्चतम_न्यायालय_का_निर्णय
5 मई 2010 को दिये अपने एक निर्णय में भारत के उच्चतम न्यायालय ने बिना सहमति के कराये गये नार्को, ब्रेन मैपिंग और पॉलीग्राफ आदि परीक्षणों को अवैधानिक या अवैध करार दिया है।
न्यायालय ने व्याख्या दी है कि ऐसा करना व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन है।
[25/02, 11:28 PM] 🚀परमाणु बम के बारे में 10 रोचक तथ्य
🚀🚀परमाणु बम एक प्रकार का विस्फोटक हथियार है जो परमाणु विखंडन या संलयन के माध्यम से परमाणु प्रतिक्रियाओं का उपयोग करता है. इस तरह के हथियार भारी मात्रा मे उर्जा छोड़ते हैं और इसीलिए ये विनाश का कारण भी बनता है. सबसे पहले परमाणु बम का प्रयोग द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुआ था. इन हतियारों को काफी विनाशकारी माना जाता है क्योंकि एक ही बम लाखों लोगों को मारने और पूरे शहर को नष्ट करने की क्षमता रखता है. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं परमाणु बम के बारे में और कब इसको हिरोशिमा और नागासाकी में गिराया गया था और इसके क्या परिणाम हुए थे, इत्यादि.
परमाणु बम के बारे में रोचक तथ्य
🚀1. परमाणु बम में युरेनियम या प्लूटोनियम के परमाणु विखंडन से ऊर्जा उत्पन्न होती है. इसके लिए परमाणु के केंद्रक में न्यूट्रॉन से चोट किया जाता है जिससे बहुत बड़ी मात्रा में उर्जा उत्पन्न होती है. इसी प्रक्रिया को नाभिकीय विखंडन भी कहते हैं. ये हम सब जानते हैं कि परमाणु बम इतना खतरनाक होता है कि अगर कहीं गिरा दिया जाए तो दशकों तक जन-जीवन का निशान नहीं रहेगा और पेड़ पौधे भी उग नहीं पाएंगे. जैसा कि जापान के दो शहर हिरोशिमा और नागासाकी में हुआ जब अमेरिका ने परमाणु बम गिराए थे.
🚀2. 6 अगस्त, 1945 को, संयुक्त राज्य अमेरिका ने जापान (हिरोशिमा) में अपना पहला परमाणु बम गिराया था. तीन दिन बाद, 9 अगस्त, 1945 को, जापान का नागासाकी अमेरिका का अगला लक्ष्य बना था. पहला परमाणु बम का उपनाम था 'लिटिल बॉय' और दूसरे का 'फैट मैन'. जो बम नागासाकी पर गिराया गया था वो पहले जापान के कोकुरा शहर पर गिराया जाना था लेकिन मौसम खराब होने के चलते नागासाकी पर ही गिरा दिया गया. क्योटो शहर पर भी इस बम को गिराने का प्लान था लेकिन युद्ध के सेक्रेटरी हेनरी स्टिमसन ने इस जगह को बदलवा दिया था.
🚀3. संयुक्त राज्य अमेरिका युद्ध में परमाणु हथियारों का उपयोग करने वाला पहला और एकमात्र राष्ट्र बन गया.
🚀4. जिस विमान से हिरोशिमा पर बम गिराया गया था उसका नाम "Enola Gay" और जिस विमान से दूसरा बम गिराया गया था उसका नाम "Bockscar" था. दोनों परमाणु बम जमीन से कुछ 100 फीट की उंचाई पर हवा में फटे थे.
🚀5. पहले परमाणु हथियार जे रॉबर्ट ओपेनहाइमर के नेतृत्व में उनकी एक वैज्ञानिक टीम ने विकसित किए थे. हम आपको बता दें कि परमाणु हथियार दो प्रकार के होते हैं: विखंडन और थर्मोन्यूक्लियर. विखंडन बम में विखंडन प्रतिक्रियाओं का प्रयोग किया जाता है और ऊर्जा निकलती है वहीं थर्मोन्यूक्लियर बम को हाइड्रोजन बम या एच-बॉम्ब भी कहा जाता है.
🚀6. ऐसा कहा जाता है कि जब परमाणु बम को जापान के दो शहरों में गिराया गया था तब परिणामस्वरूप 1,40,000 से ज्यादा लोग हिरोशिमा में और लगभग 74000 नागासाकी में 1945 के अंत तक मारे गए थे. और हज़ारों लोग अभी भी विकिरण बीमारी से पीड़ित हैं.
🚀7. हिरोशिमा में बम के गिरने से 15,000 टन टीएनटी का विस्फोट होने की कारण काफी प्रभाव पड़ा जिसके परिणामस्वरूप 70% इमारतों को नष्ट कर दिया गया था. जब विस्फोट हुआ था तब 500 मीटर के भीतर 90% लोग तीन सप्ताह में गंभीर जलन या विकीरण की उच्च खुराक से मर गए थे.
🚀8. हिरोशिमा विस्फोट के दौरान बम विस्फोट की साइट के पास तापमान 300,000 डिग्री सेल्सियस (540,000 डिग्री फ़ारेनहाइट) और लगभग 4,000 डिग्री सेल्सियस जमीन के नीचे होने का अनुमान लगाया गया था. यानी कि यह तापमान स्टील को पिघलाने के लिए काफी होता है. इस हमले से 1005 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली थी और 10 वर्ग किलोमीटर में गहरे गढ्ढे बन गए थे और 500 मीटर तक 19 Tons Per Square Inch का प्रेशर Create हुआ था. यह किसी भी विशाल बिल्डिंग को हवा में उड़ाने के लिए काफी था.
🚀9. हिरोशिमा के परमाणु बम विस्फोट के एक महीने बाद, एक चक्रवात भी आया था जिसके कारण शहर में लगभग 2,000 लोगों की मौत हो गई थी. यहीं आपको बता दें कि अमेरिकी में 10% बिजली विघटित परमाणु बम से बनी है.
🚀10. न्यू मैक्सिको में एक परमाणु बम संग्रहालय है, इसका मिशन परमाणु इतिहास और विज्ञान के लिए अमेरिका के संसाधन के रूप में कार्य करना है. संग्रहालय प्रति वर्ष केवल 12 घंटे के लिए ही खुलता है. 1950 के दशक में, लास वेगास को मिस परमाणु बम का ताज पहनाया गया था.
🚀😂जापान के राजा हिरोहित्तो (Hirohito) ने नागासाकी परमाणु हमले के 6 दिन बाद अमेरिकी सेना के सामने आत्म समर्पण कर दिया था. ऐसा कहा जाता है कि अगर जापान सरेंडर नहीं करता तो अमेरिका ने 19 अगस्त को एक और शहर पर परमाणु बम गिराने की योजना बनाई थी. तो अब आपको ज्ञात हो गया होगा कि परमाणु बम क्या होता है और किस प्रकार से हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराया गया था और फिर उसके क्या-क्या परिणाम हुए

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